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असम के 23 जिले बाढ़ प्रभावित, अलग-अलग हादसों में अब तक 18 लोगों की मौत

असम में ब्रह्मपुत्र नदी में भी पानी लगाातर बढ़ते हुए खतरे के निशान पर

असम: असम में बाढ़ की चपेट में 2071 गांव हैं और 68 हजार हेक्टेअर से अधिक फसल बर्बाद हो चुकी है. अथॉरिटी की ओर से 12 जिलों में 193 रिलीफ कैंप और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर बनाए गए हैं. 27 हजार से अधिक लोगों को शेल्टर होम में रखा गया है. कई जगहों पर ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है.

स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एएसडीएमए) की माने तो बाढ़ के कारण दो और लोगों की मौत हो गई है. असम की 9.3 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है. अलग-अलग हादसों में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है. 23 जिले बाढ़ प्रभावित हैं.

एएसडीएमए का कहना है कि धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, उदलगुरी, दर्रांग, नालबारी, बारपेटा, बोंगाईगांव, कोकराझार, धुबरी, दक्षिण सलमारा, गोलपारा, कामरूप, मोरीगांव, होजई, नागांव, नागालोन, नौगांवा, माजुली, शिवसागर, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले की 9 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित है.

बाढ़ से सबे बुरा हाल बारपेटा जिले का है, यहां 1.35 लाख आबादी बाढ़ प्रभावित है. वहीं, धेमाजी में करीब एक लाख और नालबारी में 96 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. पिछले 24 घंटे के अंदर एसडीआरएफ, जिला प्रशासन समेत तमाम एजेंसियों ने पांच जिलों में 9303 लोगों को बचाया है.

असम में ब्रह्मपुत्र नदी में भी पानी लगाातर बढ़ते हुए खतरे के निशान पर पहुंच गया है. राज्य सरकार की चिंता को देखते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनवाल और स्वास्थ्य मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा से बात कर हालात की जानकारी ली.

गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘असम के मुख्यमंत्री सबार्नंद सोनवाल और हिमंत बिस्वा शर्मा से बात की. उनसे ब्रह्मपुत्र नदी और गुवाहाटी में भूस्खलन के बारे में जानकारी ली. हर संभव मदद का आश्वासन दिया. मोदी सरकार असम के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है.’

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