छत्तीसगढ़

जलसंसाधन विभाग में 24 लाख का हुआ फर्जी भुगतान

सप्लायर से एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर ने कमीशन बतौर वसूले सवा सात लाख

– पृथ्वीलाल केशरी

रामानुजगंज : जल संसाधन संभाग क्र 02 रामानुजगंज में हुए 25 लाख के मनरेगा गड़बड़ी में एक नया खुलासा हुआ है जिसमें 25 लाख के फर्जी भुगतान में एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर द्वारा 13 जुलाई 2018 को फर्जी रिपोर्ट करने हेतु रामानुजगंज पुलिस थाने में आवेदन दिया गया व पुलिस को भी गुमराह करने का पूरा-पूरा प्रयास किया गया। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सप्लायर मजरुल हक अंसारी जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर केे ग्राम पंचायत देविगंज के द्वारा एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर के आदेश पर विभाग के विभिन्न तालाबों में निर्माण व मरम्मत कार्य करवाया गया था व पेमैंट के लिए सप्लायर द्वारा एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर को उक्त कार्य का बिल भी दिया गया।

जिसके भुगतान के लिए एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर द्वारा उक्त सप्लायर से एडवांस्ड कमिशन की मांग की गई। व सप्लायर मजरूल हक के द्वारा एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर के बताए अनुसार उनकी पत्नी श्रीमती कोमल ग्रायकर के खाता क्रमांक 33401063290 आईडीबीआई बैंक रामानुजगंज में 40000.00 चालीस हजार रुपए,व 20000.00 बीस हजार रूपए दिनांक 12 सितंबर 2017 को जमा कराया गया। तत्पश्चात 13 सितंबर 2017 को पुनःआईडीबीआई बैंक रामानुजगंज में 20000.00 बिस हजार रूपए जमा कराया गया। पैसा जमा कराने के बाद एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर ने मनरेगा ऑपरेटर से मिलकर समस्त कार्यों का फर्जी भुगतान लगभग 25 लाख रूपए माजरुल हक के खाते में डलवाया गया। खाते में पैसा जाने के बाद एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर द्वारा लगातार कमिशन की डिमांड सप्लायर माजरूल हक से किया जाता रहा था।

एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर के बताए अनुसार पुनः अपनी पत्नी श्रीमती कोमल ग्रायकर के खाते में 50000.00 पचास हजार रूपए का आरटीजीएस 25 मई 2018 को खाता क्रमांक 33401063290 आईडीबीआई बैंक रामानुजगंज में सप्लायर के द्वारा जमा कराया गया। तत पश्चात एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर द्वारा खुद के नाम से चेक क्रमांक 01685 से 01 लाख रूपए व कैश के रूप में 4.25 लाख रूपए नगद कुल मिलाकर 7.25 लाख रुपए सप्लायर मजरुल हक अंसारी से एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर के द्वारा लिया गया। एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर द्वारा किया गया यह कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है। उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल आचरण अधिनियम का उंलंघन करता है। एक तरफ जहां इस कृत्य से विभाग की बदनामी हो रही है वहीं दूसरी ओर एसडीओ संजय कुमार ग्रायकर के हौसले बुलंद हैं।