मक्का मस्जिद विस्फोट : असीमानंद और चार अन्य बरी होने के बाद, विवाद थमने का नाम नहीं

मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में कोर्ट में एनआईए (NIA) की ओर से पैरवी करने वाले वकील एन हरिनाथ का कनेक्शन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ने बात सामने आई है.

कोर्ट ने मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में भले ही हिंदुत्व के प्रचारक स्वामी असीमानंद और चार अन्य को बरी कर दिया गया है, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कोर्ट में एनआईए (NIA) की ओर से पैरवी करने वाले वकील एन हरिनाथ का कनेक्शन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़ने बात सामने आई है.एक अख़बार के मुताबिक एन हरिनाथ छात्र जीवन में आरएसएस से संबंधित संगठन ABVP से जुड़े रहे और हैदराबाद में इसे मजबूत करने में अहम रोल निभा चुके हैं.

एन हरिनाथ साल 2015 से इस मामले में एनआई के वकील के तौर पर कोर्ट में पैरवी कर रहे थे. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में हरिनाथ ने बताया, ‘मैं लॉ सेकेंड इयर में था तभी ABVP को ज्वाइन किया था. मैं तब से इस संगठन में चंदा दे रहा हूं, हालांकि बीजेपी से मेरा कोई वास्ता नहीं है.’ इस संबंध में जब NIA से संपर्क किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया.

हालांकि हरिनाथ ने ये भी कहा कि इस केस को लेकर उनपर किसी तरह का दबाव नहीं था. हम हमेशा चाहते थे कि दोषियों को सजा मिले. जब मुझे साल 2015 में यह केस मिला तब ट्रायल शुरू होने वाला था. मेरे आवेदन पर हुई स्क्रुटनी की प्रक्रिया के बाद मैं एनआईए से जुड़ गया था. मैं तब अपने पिछले केसों की सूची मुहैया कराई थी. मैं साल 1994 से क्रिमिनल कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा हूं और 2011 से प्रवर्तन निदेशालय में खास वकील हूं.

जज के इस्तीफे पर स्थिति स्पष्ट नहीं

मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में हिंदुत्व के प्रचारक स्वामी असीमानंद और चार अन्य को बरी करने वाले न्यायाधीश का इस्तीफा स्वीकार हुआ अथवा नहीं , यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है. अभी तक उनके इस्तीफे के कारणों को लेकर कयास ही लगाए जा रहे हैं.

इस बात को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं है कि उनका इस्तीफा स्वीकार हुआ है अथवा नहीं. हैदराबाद उच्च न्यायालय के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि इस मुद्दे को सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं.<>

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