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CJI पर महाभियोग का प्रस्ताव : विपक्षी दलों ने उपराष्ट्रपति को सौंपा महाभियोग प्रस्ताव, SC ने कहा दुर्भाग्यपूर्ण

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने आज उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू से मिलकर भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग चलाने का नोटिस दिया

आज कांग्रेस के नेतृव वाली विपक्षी डाल ने उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू से मिलकर भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग चलाने का नोटिस दिया। सूत्रों के अनुसार, सात राजनीतिक दलों से राज्यसभा के 60 से ज्यादा सदस्यों ने प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग का नोटिस दिया। महाभियोग के नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले सांसदों में कांग्रेस, राकांपा, माकपा, भाकपा, सपा और बसपा के सदस्य शामिल हैं। इन दलों के नेताओं ने आज पहले संसद भवन में बैठक की और महाभियोग के नोटिस को अंतिम रूप दिया।

महाभियोग की मुख्य बाते

गुलाम नबी आजाद ने पुष्टि की कि नेता प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ महाभियोग का नोटिस दिया है।
महाभियोग कार्यवाही के नोटिस पर सात राजनीतिक दलों के 60 से ज्यादा सांसदों ने हस्ताक्षर किए।
संसद भवन में हुई बैठक में कांग्रेस नेता आजाद, कपिल सिब्बल, रणदीप सुरजेवाला , भाकपा के डी . राजा और राकांपा के वंदना चव्हाण ने हिस्सा लिया।
तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक पहले प्रधान न्यायाधीश के महाभियोग के पक्ष में थे , लेकिन बाद में इससे अलग हो गए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा

महाभियोग पर सार्वजिनक रूप से चर्चा किए जाना ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण।’’
अटॉर्नी जनरल जानकारी दें कि क्या इसे रोका जा सकता है।
महाभियोग पर सुप्रीम कोर्ट के जजों की बैठक बुलाई गई।
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति ए.के. सिकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कहा, ‘‘हम सभी इसे लेकर बहुत विक्षुब्ध हैं।’’

विपक्षी नेताओं की टिप्पणियां

जब उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को लगता है कि न्यापालिका की स्वतंत्रता खतरे में है तो क्या हमें चुप रहना चाहिए, कुछ नहीं करना चाहिए।
अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने संवैधानिक आदर्शों का उल्लंघन किया।
प्रधान न्यायाधीश जिस तरह से कुछ मुकद्दमों का निपटारा कर रहे हैं और अपने अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं, उसपर सवाल उठाए जा रहे हैं।
हमने कदाचार के पांच आधार पर भारत के प्रधान न्यायाधीश को हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव रखा है: गुलाब नबी आजाद
देश जज लोया को भूलने की इजाजत नहीं देगा: राहुल गांधी

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई के विशेष न्यायाधीश बी.एच.लोया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु की जांच के लिए दायर याचिकाएं खारिज किए जाने के अगले ही दिन महाभियोग का नोटिस दिया गया है। लोया सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले की सुनवई कर रहे थे। शीर्ष अदालत की प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कल यह फैसला सुनाया था। महाभियोग का नोटिस देने के लिए राज्यसभा के कम से 50 सदस्यों जबकि लोकसभा में कम से कम 100 सदस्यों के हस्ताक्षर की जरूरत होती है।<>

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