रोजगार की तलाश में तमिलनाडु गए जिले के 26 श्रमिक को सुरक्षित वापसा लाया गया

जिले में ही रोजगार के अनेको अवसर उपलब्ध - कलेक्टर

कोण्डागांव: ‘‘अधिक मजदूरी के लालच में जिले के भोले-भाले ग्रामीण अन्यत्र प्रदेश में काम की तलाश में जाते है, जहां उन्हें न केवल दुर्भाग्य जनक परिस्थितियाँ झेलनी पड़ती है बल्कि प्राप्त होने वाली मजदूरी से भी वंचित होना पड़ता है। इससे बेहतर है कि ग्रामीण युवा अपने जिले, गांव, घर के आसपास ही रोजगार तलाशे। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा अनेक योजनाऐं एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया है।

जिनसे जीवन-यापन के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। 07 मई को जिला कार्यालय प्रांगण में तमिलनाडु से लाए गए 26 श्रमिकों को समझाइश देते हुए कलेक्टर नीलकंठ टीकाम ने उक्त बातंे कही। उल्लेखनीय है कि जिला नारायणपुर के 16, कोण्डागांव के 7 एवं कांकेर के 3 श्रमिको, कई महीनो से अपने गांव छोड़कर तमिलनाडू राज्य के (ईरोड) नामक स्थान में स्थित पेपर रोल फैक्ट्री में काम कर रहे थे।

उक्त श्रमिको में 15 महिलाएँ एवं 11 पुरुष शामिल हैं। मर्दापाल क्षेत्र के गजरीबेड़ा के एक व्यक्ति मांगूराम द्वारा कलेक्टर के समक्ष श्रमिको के पलायन की जानकारी दी गई थी। इस पर जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम के मार्गदर्शन में तत्काल श्रम विभाग, बाल संरक्षण, पुलिस विभाग की एक टीम तमिलनाडू भेजी गई थी। जहां से इन युवाओं को 6 मई को सुरक्षित लाया गया।

इस टीम में डिप्टी कलेक्टर गौतम पाटिल, श्रम निरीक्षक अमर सिंह खाण्डे, उप निरीक्षक बोण्डकू राम नेताम शामिल थे। इस मौके पर जिला कलेक्टर ने बताया कि उक्त सभी श्रमिकों का पंजीयन श्रम विभाग द्वारा कर उनकी रूचि के अनुसार रोजगार एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने ग्रामों से पलायन करने के लिए युवाओं को बहकाने वाले एजेंटो के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करने की भी बात कही।

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