आज से 28 साल पहले रवि-मोहम्मद-सचिन हुए थे हैट्रिक के शिकार, पढ़े खबर

‘आधी’ हो जाया करती थी भारतीय टीम की ताकत

नई दिल्ली: आज से 28 साल पहले शारजाह में भारत और पाकिस्तान के बीच 25 अक्टूबर को विल्स ट्रॉफी का फाइनल खेला गया था. यह टूर्नामेंट शारजाह में खेला गया था. यह वो दौर था, जब शारजाह जाते ही भारतीय टीम की ताकत ‘आधी’ हो जाया करती थी.

इस मैच में रवि शास्त्री, मोहम्मद अजहरुद्दीन और सचिन तेंदुलकर हैट्रिक के शिकार हुए थे. अजहर और सचिन तो खाता भी नहीं खोल सके थे. दिलचस्प बात यह है कि ये तीनों बल्लेबाज एक ही तरीके से आउट हुए थे.

98 रन पर नाबाद लौटे फजल

बहरहाल, बात 25 अक्टूबर 1991 के उस यादगार फाइनल की, जब आकिब जावेद ने भारतीय टीम को हिलाकर रख दिया था. पाकिस्तान ने इस मैच में पहले बैटिंग करते हुए छह विकेट पर 262 रन बनाए.

यह उस दौर में अच्छा-खासा स्कोर कहलाता था और शारजाह की धीमी पिचें लक्ष्य को और मुश्किल बना देती थीं. इस मैच में पाकिस्तान के जाहिद फजल 98 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए थे, जो उनके करियर का टॉप स्कोर भी साबित हुआ.

सिद्धू-शास्त्री ने दी अच्छी शुरुआत

भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए ठीक-ठाक शुरुआत की. ओपनर नवजोत सिंह सिद्धू और रवि शास्त्री ने 32 रन की ओपनिंग साझेदारी की. इस स्कोर पर नवजोत विकेटकीपर के हाथों लपके गए. विकेट आकिब जावेद के खाते में दर्ज हुआ, जिन्होंने तीन साल पहले ही इंटरेनशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. नवजोत के आउट होने पर तीसरे नंबर पर संजय मांजरेकर आए और उन्होंने रवि शास्त्री के साथ मिलकर पारी आगे बढ़ाई.

34 गेंद पर 15 रन बनाकर आउट हुए रवि

मांजरेकर और रवि शास्त्री ने स्कोर 47 रन तक पहुंचाया. इसके बाद आकिब जावेद का वह ऐतिहासिक ओवर शुरू हुआ, जो अपनी तरह का अकेला है. आकिब ने इस ओवर में रवि शास्त्री को एलबीडब्ल्यू कर पैवेलियन का रास्ता दिखाया. रवि शास्त्री 34 गेंद पर 15 रन बनाकर आउट हुए. उनके खाते में सिर्फ एक चौका दर्ज था.

अजहर एक गेंद खेलकर लौट गए

आकिब, जो पहले सिद्धू को आउट कर चुके थे, वे शास्त्री का विकेट पाकर और खूंखार हो गए. उन्होंने अपनी अगली ही गेंद पर भारतीय कप्तान अजहरुद्दीन को भी चलता कर दिया. अजहर बस आए और चले गए. उनके खाते में बस एक गेंद दर्ज हो सकी. शास्त्री और अजहर का विकेट लगातार दो गेंद पर गिरने से स्टेडियम में जैसे तूफान आ गया.

सचिन नहीं उठा सके टीम का बोझ

शोर के इस तूफान के बीच सचिन तेंदुलकर क्रीज पर आए. भारत के इस युवा क्रिकेटर, जो बमुश्किल छह महीने पहले बालिग हुआ था, पर हैट्रिक रोकने की जिम्मेदारी थी. अपने बल्ले से तूफान लाने वाल भारत का यह सितारा उस दिन टीम का बोझ नहीं उठा सका और पहली ही गेंद पर आउट हो गया.

इस तरह आकिब जावेद ने अपनी पहली हैट्रिक अपने नाम की. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने तीनों बल्लेबाजों को एलबीडब्ल्यू किया था. यह अपनी तरह की अनोखी हैट्रिक है, जिसमें तीनों बल्लेबाज एलबीडब्ल्यू हुए थे.

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