केरल के राहत शिविरों में अब भी 3.42 लाख लोग

बाढ़ ने 322 लोगों की जान ले ली है और हजारों को बेघर कर दिया है।

तिरूवनंतपुरम : केरल में विनाशकारी बाढ़ के दो हफ्ते बीतने के बाद भी 3.42 लाख से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। इस बाढ़ ने दक्षिण राज्य में तबाही मचाई है और 322 लोगों की जान ले ली है और हजारों को बेघर कर दिया है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राज्य में बाढ़ के बाद की स्थिति की समीक्षा करने के लिए एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला कलेक्टरों को सहायता को लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं

मुख्यमंत्री के कार्यालय से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि 1,093 शिविरों में कुल 3,42,699 लोग रह रहे हैं। बाढ़ की स्थिति पर ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, आठ अगस्त से 322 लोगों की जान गई है। विजयन ने कहा कि लोगों ने अपने घरों में लौटना शुरू कर दिया है लेकिन राहत शिविर अभी कुछ और दिन चलेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए मंगलवार से दो दिन की यात्रा पर यहां आ रहे हैं। एक ट्वीट में गांधी ने कहा कि वह कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे और मछुआरों से मुलाकात करने के अलावा राहत कार्य में शामिल पार्टी के स्वयंसेवकों से भी मिलेंगे।

मुख्यमंत्री के कार्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि पशुओं को दफनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। चार लाख पक्षियों और 22,000 से ज्यादा बड़े और छोटे पशुओं को दफनाया गया है। विजयन ने जिला अधिकारियों से कहा है कि प्रत्येक क्षेत्र को हुए नुकसान के आकलन को बिना देरी के अंतिम रूप दिया जाए।

राज्यपाल पी सदाशिवम ने 2.50 लाख रुपए का चेक सौंपा जो सीएमडीआरएफ में योगदान के लिए उनके एक महीने के वेतन का बकाया हिस्सा है। अधिकारियों ने बताया कि सीएमडीआरएफ में करीब 700 करोड़ रुपए आए हैं।

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