अस्पताल में गिड़गिड़ाती रहीं 3 प्रसूताएं, लेकिन नहीं पसीजे महतारी के चालक

अंकित मिंज

बिलासपुर।

जिले में प्रसूताओं के साथ स्वास्थ्य महकमा किस तरह बर्ताव करता है, इसका ताजा उदाहरण गुरुवार की शाम करीब सवा 4 बजे मातृ-शिशु अस्पताल के मुख्य गेट पर सामने दिखा। जहां तीन प्रसूताएं नवजात को गोद में लेकर भरी आंखों से महतारी एक्सप्रेस के चालकों से गुहार लगातीं रहीं कि उन्हें घर तक छोड़ दो, लेकिन कर्मचारी टस के मस नहीं हुए।

अस्पताल के सामने खड़ी महतारी एक्सप्रेस क्रमांक सीजी 02 (5572) के कर्मचारियों से परिजन गिड़गिड़ाते रहे कि प्रसूताओं को घर ले चलो लेकिन कर्मचारी प्रसूताओं के साथ परिजनों को न ले जाने व गाड़ी बुक होने जैसे बहाने बनाकर उन्हें दुतकारते रहे।

प्रसूताओं के परिजनों से अभद्रता भी की गई। गर्भवती महिलाओं की सहूलियत के लिए शासन द्वारा बिलासपुर जिले में कुल 25 महतारी वाहन संचालित किए जा रहे हैं। वहीं शहर में गर्भवती महिलाओं को घर से लाने ले जाने के लिए 5 महतारी वाहनों को लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग हमेशा यह दावा करता है कि शासकीय अस्पतालों में प्रसूताओं की सुविधाओं के लिए बेहतर से बेहतर इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर अस्पताल में पहुंचने वाले गरीब व ग्रामीण गर्भवती महिलाओं को खासी परेशानियां झेलनी पड़ रहीं हैं।

घंटों करते हैं इंतजार

जिला अस्पताल में प्रसूताओं को वापस घर जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारी पहले तो बहाना बनाते हैं फिर परिजनों से अभद्रता करते हैं। आए दिन यहां महतारी वाहन चालकों व परिजनों के बीच विवाद की स्थिति बनती हैं। वाहन खड़ा होने पर भी जब चालक महतारी वाहन के लिए मना करता है तो परिजनों का गुस्सा भी फूट पड़ता है। वहीं गरीब व असहाय लोग निजी वाहन करके मरीजों को ले जाते हैं।

केस-1: सिरगिट्टी निवासी बलदाऊ यादव ने बताया कि 9 दिन पहले वे अपनी पत्नी को मातृ-शिशु अस्पताल लेकर आए थे। डिलेवरी के बाद जब उनकी पत्नी की हालत ठीक हो गई तो वे गुरुवार को घर जाने के लिए महतारी एक्सप्रेस चालक के पास पहुंचे और घर छोडऩे की बात कही, लेकिन एम्बुलेंस चालक ने यह कहते हुए मना कर दिया कि अन्य प्रसूताओं को लेकर जाना है।

केस-2: मंगला क्षेत्र निवासी पुष्परंजन रात्रे ने बताया कि वे अपनी पत्नी को अस्पताल से घर ले जाने के लिए जब महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारियों के पास पहुंचे तो उन्होंने वाहन ले जाने के लिए मना कर दिया। इसके अलावा महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारियों ने उनसे अभद्रता पूर्वक वर्ताव किया। पुष्परंजन ने कहा कि अभद्रता से अच्छा है कि मैं ऑटो से अपनी पत्नी को घर ले जाऊं।

केस-3: देवरी खुर्द की प्रसूता हिना यादव जब डिलेवरी के बाद घर जाने के लिए अस्पताल के बाहर खड़ी एम्बुलेंस के पास पहुंची तो पहले कागजी कार्रवाई करवाई गई और जब वे महतारी एक्सप्रेस में बैठने लगीं तो उनसे कहा गया कि सिर्फ प्रसूता ही वाहन में बैठेगी। प्रसूता के साथ मौजूद अन्य परिजनों को उतर जाने के निर्देश दिए गए। कर्मचारियों की अभद्रता से तंग आकर परिजन पैदल ही निकल गए।

करुंगा कार्रवाई

यदि कोई भी महतारी एक्सप्रेस का चालक व स्टाफ प्रसूताओं व परिजनों से अभद्रता करता है तो उनके खिलाफ मैं कार्रवाई करुंगा। प्रसूताओं के साथ एक अटेंडर को साथ ले जाने की व्यवस्था है, कई बार अन्य परिजन भी बैठ जाते हैं। इसमें विवाद की कोई बात नहीं है।
अमरेंद्र सिंह, जोनल मेनेजर (102.108 ऑपरेशन)

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