क्राइमछत्तीसगढ़

मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम से 82 लाख की ठगी करने वाले गिरोह के 3 सदस्य चढ़े पुलिस के हत्थे

मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 3 आरोपी को पकड़ने में बिलासपुर पुलिस को सफलता मिली है

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा

बिलासपुर :  मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 3 आरोपी को पकड़ने में बिलासपुर पुलिस को सफलता मिली है,कोनी पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपीयो को गिरफ्तार किया है,पुलिस को इस अंतरराज्यीय गिरोह बारे में काफी जानकारी हासिल हुई है,

82 लाख की धोखाधड़ी

पुलिस की टीमें अलग-अलग राज्यों में गई हुई थी,गिरफ्तार आरोपी दिल्ली और पश्चिम बंगाल के रहने वाले है, मिली जानकारी के मुताबिक कोनी,रायगढ़ और झारखंड की रहने वाली छात्रा का मेडिकल कालेज में एडमिशन कराने के नाम पर 82 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है,पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ जुर्म दर्ज कर तीन आरोपी को साइबर टीम ने अलग-अलग शहरों से गिरफ्तार कर आरोपियों को जेल भेज दिया है…

मामले में मिली जानकारी के मुताबिक कोनी निवासी तरुण साहू अपनी बेटी निखर शारदा साहू का पश्चिम बंगाल में निजी मेडिकल कालेज में एडमिशन कराना चाहते थे,साथ ही इसके साथ रायगढ़ निवासी उनके मित्र दीपक शर्मा भी अपनी बेटी का इसी कालेज में प्रवेश दिलवाने के इच्छुक थे,इसके लिए 18 अक्टूबर को तरुण और दीपक दिल्ली गए थे इस दौरान उनके मोबाइल पर फोन आया,फोन करने वाले ने अपना नाम प्रभुदीप सिंह बताया और कहा कि वे सरकारी नियमों के तहत उनकी बेटी का प्रवेश शासकीय सीट पर करा देंगे,इसके लिए उन्होंने एक बार मिलने के लिए कहा,तरुण ने उन्हें होटल में मिलने बुलाया।

प्रति छात्र 10 लाख रुपये एडवांस

दोपहर 12 बजे प्रभुदीप सिंह के साथ डाक्टर जियाउल हक रहमानी और दीपक चटर्जी उनसे मिलने आए। प्रभुदीप सिंह ने बताया कि उनके पिता मेरठ में सब इंस्पेक्टर हैं। वहीं डा. जियाउल हक के पिता जाने-माने डाक्टर अजीउर रहमान हैं। वे उत्तर प्रदेश के सीतापुर के रहने वाले हैं। उन्होंने बातचीत के दौरान फार्म भरने कहा। इसके लिए 18 हजार रुपये का शुल्क बताया। इस पर तरुण ने दो फार्म के 40 हजार रुपये उनके बताए खाते में डाल दिए। फार्म भरने के बाद प्रभुदीप सिंह ने प्रति छात्र 10 लाख रुपये एडवांस मांगे। तत्काल रुपये नहीं होने पर उन्होंने घर जाकर रुपये भेज देने की बात कही

इस पर तरुण और दीपक बिलासपुर लौट आए, जिसके बाद यहां से दीपक ने बताए अकाउंट में तीन लाख जमा कराए,वहीं तरुण ने 10 लाख रुपये जमा करा दिए बाद में तरुण के झारखंड टाटा नगर निवासी परिचित भागवत वर्मा ने भी अपनी बेटी के एडमिशन की बात कही। इस पर तरुण ने उनकी बात प्रभुदीप से कराई। इसके बाद उन्होंने भी डा. जियाउल को 15 लाख रुपये दे दिए। इस तरह प्रभुदीप, डा. जियाउल हक और दीपक चटर्जी ने तरुण साहू, दीपक शर्मा और भागवत वर्मा से अलग-अलग 82 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद भी उनकी बेटियों का मेडिकल कालेज में एडमिशन नहीं हो पाया। तरुण साहू ने कोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई है…

कोनी पुलिस ने धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज कर 2 दिन के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही 5 मोबाइल फ़ोन और 5 लाख रुपये भी जप्त किया है गिरफ्तार आरोपी : दिल्ली निवासी दीपक चटर्जी ,गाजियाबाद के डॉ जिया उलहक रहमानी, बरेली रुहेलखंड उत्तर प्रदेश के प्रभदीप सिंह।

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