छत्तीसगढ़

31 जुलाई फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि

राजनांदगांव : जिले के कुछ विकासखंडों में खण्ड वर्षा की स्थिति को देखते हुए अब किसानों की चिंता कर कृषि विभाग के अधिकारी, सोसायटियों के प्रबंधक और मैदानी अमला घर-घर जाकर फसलों का बीमा करेंगे। फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है और जिले के सभी किसानों का बीमा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आज कलेक्टर श्री भीम सिंह ने इस संबंध में डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र उच्चतर माध्यमिक शाला के सभाकक्ष में अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, कृषि विभाग के विकासखंड एवं ग्राम स्तरीय अधिकारियों, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधिकारियों, सोसायटियों के प्रबंधकों और जिले की सभी बैंक शाखाओं के प्रबंधकों की एक साथ बैठक लेकर फसल बीमा की समीक्षा की। कलेक्टर ने जिले के अधिक से अधिक किसानों से अपनी फसलों का बीमा 31 जुलाई 2017 से पहले कराने की भी अपील की है। बैठक में प्रशिक्षु सहायक कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल, उप संचालक कृषि श्री अश्वनी बंजारा भी शामिल हुए।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की मंशानुसार किसी भी विपरीत परिस्थिति में फसल के नुकसान पर किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए अब घर-घर जाकर फसलों का बीमा करने के निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिये। कलेक्टर ने बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय से किसानों के हित में फसलों का बीमा करने को कहा। कलेक्टर ने मौके पर फसल बीमा कराने में आ रही दिक्कतों की भी जानकारी उपस्थित अधिकारियों से ली।
लीड बैंक अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई के लिए अधिकारियों को लिखेंगे पत्र –
कलेक्टर श्री भीम सिंह ने बैंकों द्वारा अऋणी किसानों के कम संख्या में फसल बीमा पर गहरी नाराजगी जताते हुए लीड बैंक अधिकारी श्री पंकज जाधव के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने संबंधी पत्र बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेषित करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों द्वारा फसल बीमा के पूर्ण कराकर सोसायटियों में जमा कराये गये आवेदनों की बीमा पोर्टल पर तत्काल एन्ट्री कराने के भी निर्देश सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को दिये। इसके साथ ही किसानों को उनके द्वारा पूर्व में ही कराये गये जीवन ज्योति बीमा या दुर्घटना बीमा की पॉलिसी नंबर भी मांगे जाने पर तत्काल उपलब्ध करायें। कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पर्याप्त मात्रा में फसल बीमा कराने के फार्म अपने बैंकों और सोसायटियों में रखें।
किसी भी बैंक के खाताधारक सोसायटियों में करा सकते हैं फसल बीमा –
सोसायटियों से कृषि ऋण लेकर खेती करने वाले किसानों के साथ-साथ बिना ऋण के फसल बोने वाले किसान भी अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। किसी भी बैंक शाखा में किसान का खाता होने पर या किसी भी बैंक का किसान के्रडिट कार्ड धारक किसान अपनी फसलों का बीमा समीप की सोसायटी या जिला सहकारी बैंक की शाखा में भी जाकर आसानी से करा सकता है। इस संबंध में कलेक्टर श्री भीम सिंह ने आज बैठक में जरूरी निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर बारिश पर नजर रखने के निर्देश –
कलेक्टर श्री भीम सिंह ने जिले में हो रही खण्ड वर्षा की स्थिति को देखते हुए सभी मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने -अपने कार्य क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर बारिश की स्थिति पर नजर रखने और विपरीत परिस्थितियां बनने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बैठक में पंचायतवार बारिश की स्थिति भी अधिकारियों से पूछी।
धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी,
पांच ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की रूकी वेतन वृद्धि –
बैठक में कलेक्टर श्री भीम सिंह ने अब तक जिले में किसानों की फसलों का बीमा कराने की धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कृषि और जिला सहकारी बैंकों के अधिकारियों को प्रतिदिन जिले के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण कर फसल बीमा के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। श्री भीम सिंह ने फसल बीमा के काम में लापरवाही बरतने वाले पांच ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकने के भी निर्देश उप संचालक कृषि श्री अश्वनी बंजारा को दिये। कलेक्टर ने फसल बीमा के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर पटवारियों, लैम्प्स प्रबंधकों, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देशित किया कि फसल बीमा के कार्य में कोताही बरतने पर संबंधित विभागों के मैदानी कर्मचारियों के साथ-साथ अनुभाग और जिला स्तरीय अधिकारियों की दो-दो वेतन वृद्धियां रोकी जायेंगी। उन्होंने फसल बीमा के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।
फसल बीमा के प्रचार-प्रसार के लिए फिर ग्राम पंचायतों तक जायेंगे प्रचार रथ –
बैठक में कलेक्टर श्री भीम सिंह ने फसल बीमा कराने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने, फसल बीमा के लाभ बताने और इस संबंध में सभी जरूरी जानकारियां देने के लिए पुन: द्वितीय चरण में आगामी सप्ताह में प्रचार रथ निकालने के निर्देश अधिकारियों को दिए। आने वाले सप्ताह में जिले के सभी 9 विकासखंडों की हर ग्राम पंचायत तक यह प्रचार रथ पहुंचेंगे। प्रचार रथों में बेनर-पोस्टर, फ्लैक्स, पॉम्पलेट के माध्यम से किसानों तक फसल बीमा की जानकारी पहुंचाई जायेगी। इन रथों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों की भी व्यवस्था होगी। जिनके माध्यम से रिकार्डेड जानकारी लोगों को लगातार सुनाई जायेगी।
पटवारी देंगे बोनी प्रमाण पत्र –
बैठक में पटवारियों द्वारा फसल बीमा के आवेदनों पर बोआई का रकबा अंकित करने में आ रही परेशानियों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि एक ही पटवारी के एक से ज्यादा हल्कों के प्रभार में होने के कारण फसल बीमा के आवेदन पर बोआई का रकबा अंकित करने में असुविधा हो रही है, जिसके कारण बीमा की निर्धारित प्रक्रिया भी देरी से पूरी हो पा रही है। इस पर कलेक्टर ने पटवारियों को तत्काल मांगे जाने पर किसान के खेतों में लगी फसलों का रकबा और बोनी प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिये। उन्होंने इस कार्य को प्राथमिकता से समय-सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करने के निर्देश सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को दिये।
फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई –
उप संचालक ने बताया कि चालू खरीफ फसलों का बीमा कराने के लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई 2017 निर्धारित की गई है। योजना के तहत फसलों का बीमा के लिए ग्राम पंचायतों को ईकाई निर्धारित किया गया है। अपनी फसलों का बीमा कराने खेती के लिए ऋण लेने वाले किसान अपनी ऋण पुस्तिका, किसान क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज लेकर सोयायटी में उपस्थित अधिकारियों से फसलों का बीमा करा सकते हैं। अऋणी किसानों को इन दस्तावेजों के साथ-साथ खसरा, बी-1 और खेतों में फसल बोनी का प्रमाण पत्र भी अधिकारियों को आवेदन के साथ देना होगा। श्री बंजारा ने बताया किसान अपनी फसलों के साथ-साथ बच्चों के लिए विद्यार्थी बीमा, स्वयं के लिए जीवन ज्योति बीमा, दुर्घटना के लिए दुर्घटना बीमा, विद्युत एवं डीजल पंप का बीमा, घर एवं संपत्ति का बीमा कराने के साथ-साथ अपने टे्रक्टर का भी बीमा करा सकते हैं जिसके लिए उन्हें अलग से आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी।

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