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IIT में खाली है शिक्षकों की 35 फीसदी पद

जुलाई 2017 में संस्थान के लगभग 35 फीसदी शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार ने केंद्र सरकार और केंद्रीय ऑटोनॉमस संस्थानों में पढ़ा रहे लोगों को आईआईटी ज्वाइन करने के लिए कहा है।

इसके साथ ही मंत्रालय ने पुराने छात्रों, वैज्ञानिकों और विदेशी शिक्षकों को समय-समय पर आईआईटी आने के लिए आमंत्रित किया है

आईआईटी के 889 विद्यार्थियों ने साल 2016-17 की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी है। मानव संसाधन एवं विकास (एमएचआरडी) मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 2016-17 शिक्षा सत्र के 9 फीसदी विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की।

पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों में 630 पीजी के, 196 पीएचडी के और 63 विद्यार्थी ग्रेजुएशन के हैं। आईआईटी में कुल सीटों की संख्या 9,885 है। 2015-16 में 23 आईआईटी संस्थानों में से 656 विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई छोड़ी थी। इस साल पढ़ाई छोड़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 35 फीसदी का इजाफा हुआ है।

एमएचआरडी की रिपोर्ट के मुताबिक,पीजी और पीएचडी में विद्यार्थियों के पढ़ाई छोड़ने का कारण पब्लिक सेक्टर में मिलने वाला इंटर्नशिप प्रोग्राम है। जबकि ग्रेजुएशन वाले विद्यार्थियों ने अपने गलत फैसले और बुरे परफॉर्मेंस के चलते पढ़ाई छोड़ी है।

23 में से 14 आईआईटी में यह ड्रॉप आउट दर्ज किया गया है। इसके साथ ही मंत्रालय ने एक और बिंदु पर चिंता जाहिर की है। उनका मानना है कि विद्यार्थियों के पढ़ाई छोड़ने के पीछे एक कारण शिक्षकों की कमी भी है।

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