सीएम बघेल शामिल हुए आंवलाचक्का में आयोजित 18 गढ़ उरांव समाज का 35 वां महासम्मेलन में

उरांत समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतिक चिन्ह देकर किया सम्मानित

– मनोज मिश्रा

महासमुंद: प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज सरायपाली विकासखंड के ग्राम आंवलाचक्का में 18 गढ़ उरांव समाज का 35 वां महासम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए कहा कि उरांव समाज के विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनाने में होने वाली परेशानियों पर नियमानुसार प्रक्रियाओं के तहत जहां भी त्रुटि है उसका जांच करवाकर जाति प्रमाण पत्र बनाने की बात कही।

उन्होंने यहां क्षेत्रीय विधायक द्वारा महाविद्यालय खोलने की मांग पर अगले बजट में शामिल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने समाज के सभी वर्गों संगठित रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया तथा नशापान जैसे कुरीतियों से दूर रहने की समझाईश दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नई सरकार ने अपने गठन के पहले दिन से ही जनता की भलाई के लिए तेजी से कदम बढ़ाया है। नई सरकार के गठन होते ही 16 लाख 65 हजार किसानों का लगभग 6 हजार 230 करोड़ रूपये का अल्पकालिक कृषि ऋण माफ कर दिया। अब राष्ट्रीयकृत बैंकों से भी किसानों द्वारा किए गए केसीसी ऋण माफ किया जाएगा। इसी तरह धान की खरीदी 2500 रूपया प्रति क्विटंल के हिसाब से खरीदी की गई है।

अब किसानों की चेहरों में मुस्कान आई है। उन्होंने कहा कि अब तेंदूपत्ता संग्राहकों से तेंदूपत्ता 4 हजार रूपए मानक बोरा के हिसाब से खरीदा जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी ‘नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी‘ का प्रबंधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गहराई से जुड़ा है। इसे जमीन पर उतारने का प्रयास किया गया है।

छत्तीसगढ़ में पहले किसान दो से तीन फसल लेते थे, लेकिन खुले मंे पशुओं के कारण अब एक फसल लेने मंे भी मुश्किल आती है। यदि पशुओं को बारह महीने एक जगह गोठान में रखा जाए, उनके लिए पानी, चारा और शेड की व्यवस्था कर दी जाए इसके साथ ही स्मार्ट घुरवा का निर्माण कर कम्पोस्ट खाद, वर्मी खाद और बायो गैस का उत्पादन किया जाए, तो इससे गांव के लोगों को रोजगार मिलेगा और खेती-किसानी को लाभ मिलेगा।

उन्होंने इसके लिए युवाओं को प्रशिक्षित कर रोजगार देने की बात कही। उन्होंने कहा कि दिनों-दिन भू-जल स्तर निचे चला जा रहा है। नरवा के संरक्षण से भू-जल स्तर बना रहेगा। इसका उपयोग खेती किसानी के लिए भी किया जा सकेगा। स्मार्ट घुरवा बनाकर कम्पोस्ट खाद के निर्माण से कृषि के उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। इसी तरह मवेशी रूकने का स्थान गौठान (दैहान) निर्माण कर जानवरों के लिए पानी एवं चारा की व्यवस्था की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में मवेशी चराने वाले यादव समुदाय को इसकी देख रेख के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजना से पारिश्रमिक भी दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने किसानों से फसल के अवशेष खेत मे नहीं जलाने की अपील की। इससे धरती की उर्वरा शक्ति कम होती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उरांत समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं प्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

सरायपाली विधायक किस्मत लाल नंद ने कहा कि छत्तीसगढ़ के खुशहाली के लिए अब किसानों, मजदूरों एवं गरीबों का सरकार बना है। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री ने किसानों की चिंता करते हुए कुछ घंटे के उपरांत ही किसानों का ऋण माफ कर दिया और 25 सौ रूपए क्विंटल में धान की खरीदी की जा रही है। पाली तानाखार के विधायक मोहितराम केरकेट्टा ने कहा कि प्रतिवर्ष उरांव समाज द्वारा प्रदेश के 18 गढ़ों में कही न कही पर समाज के विकास के लिए महासम्मेलन का आयोजन किया जाता है।

इस अवसर पर जशपुर विधायक विनय भगत ने भी संबोधित करते हुए कहा कि समाज में शिक्षा को विशेष महत्व दे तथा नशापान जैसे कुरीतियों से दूर रहे। उन्होंने समाज के विकास के लिए हर संभव सहयोग देने की बात कही। इस अवसर पर बसना विधायक देवेन्द्र बहादुर सिंह, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरपंच लक्ष्मी राठिया, लखीराम उरांव, कलेक्टर सुनील कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋतुराज रघुवंशी, एसडीएम सरायपाली विनय कुमार लंगेह सहित समाज के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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