चार लाख के नकली नोट व कलर प्रिंटर जब्त

दुर्ग।

स्मृति नगर पुलिस ने शहर में चल रहे नकली नोटों के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने स्वयं ग्राहक बनकर आरोपियों के पास से तत्काल एक लाख के नकली नोट जब्त किए है। जांच के बाद आरोपियों के घर तालपुरी कालोनी से 3 लाख 60 हजार की नकली नोट, दो प्रिंटर मशीन, कटर आदि सामाग्री भी जब्त की गई है। आरोपी ने कर्ज चुकाने के लिए यह गोरखधंधा शुरू किया था।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर विजय पांडेय ने बताया कि कल स्मृतिनगर चौकी प्रभारी मृत्युजंय पांडेय एवं उपनिरीक्षक कैलाश केसरवानी को सूचना मिली थी कि 100-100 नकली नोट खपाने के लिए आरोपी ग्राहक तलाश रहा है। इस पर से पुलिस ने युवक को अपने झांसे में लिया और ग्राहक बनकर निर्धारित स्थान पर बुलाया।

तब युवक मोटर सायकल में पहुंचा तो उसे पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पूंछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया और बताया कि वह रात को एक लाख के नकली नोट देने के लिए स्मृतिनगर आया था।

एक ही सिरीज के कई नोट

आरोपी विशाल एसवानी पिता सेवाराम एसवानी (32 वर्ष) निवासी पाटनीपुरा चौराहा इंदौर हाल पारा में 104 एस पारिजात तालपुरी कालोनी में रहता है। तलाशी पर आरोपी के मोटर सायकल में 100-100 करीब 10 बंडल कुल एक लाख रुपए जब्त किए गए। अवलोकन करने पर पाया गया कि एक ही सिरीज के कई नोट थे। इससे प्रमाणित हो गया कि नोट नकली है। चौकी प्रभारी द्वारा मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई।

सूचना पर एसपी संजीव शुक्ला व एएसपी विजय पांडेय के निर्देश पर तत्काल आरोपी के घर तालपुरी कालोनी में दबिश दी गई। घर पर से कलर प्रिंटर द्वारा तैयार किए गए ए-4 फोर साइज के कागजों में छापे गए नोट कुल 3 लाख 60 जब्त किए गए।

साथ में कटर, स्टील की स्कैल, काटे गए नोट के बंडल जब्त की गई। आरोपी के दूसरे साथी को भी पुलिस ने झांसा देकर घर पर बुलाया। दूसरा साथी के पहुंचने पर उसे भी पकड़ा गया। आरोपी चूड़ामणि साहू पिता सोभितराम साहू (18 वर्ष) ग्राम निवासी मोहरा निवासी बालोद जिला का रहने वाला है।

भिलाई में वह आईआईटी की पढ़ाई करने भिलाई आया हुआ था। रुपए की लालच में विशाल के साथ काम करने लगा। प्रिंटर चूड़ामणि के नाम पर ही खरीदे गए थे। दोनों ही मिलकर नकली नोट मार्केट में खपाते थे।

पांच-छ: साल से नकली नोट छापने का कार्य

दोनों ही आरोपियों को सुपेला पुलिस ने गिरफ्तार कर धारा 489 ए, बी, सी, डी के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने बताया कि आरोपी विशाल के ऊपर मार्केट में 50 हजार रुपए का कर्ज हो गया था। इसे चुकाने के लिए उसके द्वारा नकली नोट छापने का कारोबार शुरू किया गया।

विशाल मूलत: इंदौर का रहने वाला है। पुलिस ने बताया कि विशाल पिछले पांच-छ: साल से नकली नोट छापने का कार्य कर रहा है। इसके पहले कटनी मध्यप्रदेश में पकड़ा जा चुका है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव शुक्ला ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने वाली पूरी टीम को पृथक से पुरस्कृत किया जाएगा।

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