नक्सलियों से लोहा लेंगे सीआरपीएफ की 40 कंपनियां, 30 अक्टूबर को प्रदेश में दस्तक

जवानों को चुनाव ड्यूटी में तैनात किया जाएगा

रायपुर :

प्रदेश में दो चरणों में विधानसभा चुनाव कराने की घोषणा हो गई है। पार्टियों द्वारा प्रत्याशियों के नाम की सूची जारी करना शुरू कर दिया गया है। प्रदेश में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना सुरक्षा बलों के सामने एक बड़ी चुनौती है।

इस चुनौती से निपटने तथा नक्सलियों की मांद में घुसकर उनसे लोहा लेने के लिए आरपीएफ की 40 कंपनियां आ रही हैं। उसके बाद जवानों को नक्सलियों के दांत खट्टे करने के लिए सीधे नक्सल प्रभावित जिलों में तैनात किया जाएगा। प्रदेश में पहली बार आरपीएफ के जवानों को इतनी संख्या में तैनात किया जाएगा।

आरपीएफ के अधिकारी ने बताया कि विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए आरपीएफ की 35 कंपनियों की मांग की गई थी, लेकिन कुछ दिनों पहले पांच कंपनियों की और मांग की है, इसलिए दिल्ली से इस बार कुल 40 आरपीएफ की कंपनियां 30 अक्टूबर को प्रदेश में दस्तक देंगी।

उसके बाद जवानों को चुनाव ड्यूटी में तैनात किया जाएगा। वर्तमान में प्रदेश में चुनाव की तारीख घोषित कर दी गई है। दो चरणों में चुनाव होना निश्चित किया गया है। विधानसभा चुनाव के पहले चरण के करीब 750 कंपनियां तैनात की जाएंगी, जिससे शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराया जा सके।

चुनाव में नक्सली वारदात को देते हैं अंजाम

प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में धुर नक्सल प्रभावित जिलों में कुल 550 कंपनियां तैनात की गई थीं। उसके बाद भी नक्सलियों ने आइडी बम लगाकर छुटपुट घटनाओं को अंजाम दिया था। आगामी विधानसभा चुनाव में भी नक्सली अपने मंसूबे को अंजाम देने की फिराक में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं,

क्योंकि जवानों ने नक्सलियों की मांद में घुसकर कई बड़े नक्सली नेताओं को मार गिराया है या फिर उन्हें पुलिस के सामने हथियार डालने के लिए मजबूर कर दिया है। इस वजह से नक्सली पूरी तरह बौखलाए हुए हैं। प्रदेश में नक्सली अपनी साख बचाने के लिए बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।

आरपीएफ की कंपनियां 30 को देगी दस्तक

30 नंवबर को तड़के आरपीएफ के जवानों की 40 कंपनियां रायपुर में दस्तक देंगी। उसके बाद इन जवानों को मोर्चा संभालने के लिए चुनाव क्षेत्र में तैनात किया जाएगा। चुनाव के दौरान जवानों के लिए कड़ी चुनौती है,

क्योंकि नक्सल क्षेत्र में घात लगाए बैठे नक्सली सड़कों पर आइईडी बम लगाकर गाड़ियों को अपना निशाना बनाते हैं। ऐसे में जवानों को पोलिंग पार्टियों को चुनाव कराकर बूथ से शांतिपूर्ण तरीके से वापस लाना बड़ी चुनौती होगी।

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