पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 146 में 49 नामांकन रद्द, बचे 97 उम्मीदवार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनाव आयोग के मानकों ने 49 उम्मीदवारों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। नामांकन पत्र में त्रुटियां मिलने के कारण कई नामांकन पत्र निरस्त कर दिए गए हैं। गाजियाबाद जिले में सबसे ज्यादा 25 प्रत्याशियों ने पर्चे दाखिल किए थे, लेकिन जांच में 13 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खारिज किए गए हैं। इसके अलावा मुजफ्फरनगर में 22 प्रत्याशियों में से 12 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निरस्त किए गए हैं।

प्रथम चरण के चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें सहारनपुर में दाखिल 20 नामांकन पत्रों में से नौ नामांकन पत्र विभिन्न कारणों से निरस्त किए गए। कैराना में दाखिल सभी 14 नामांकन पत्र सही मिले। मुजफ्फरनगर में 22 में से 12 नामांकन पत्र, बिजनौर में 16 में से तीन नामांकन पत्र, मेरठ में 15 में से चार नामांकन पत्र रद्द किए गए। बागपत में सभी 13 नामांकन पत्र सही मिले। जबकि गाजियाबाद में 25 में से 13 नामांकन पत्र और गौतमबुद्धनगर में 21 में से और नामांकन पत्र जांच के बाद निरस्त किए गए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू ने बताया कि आठ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 146 लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे, जिसमें जांच के बाद 49 नामांकन पत्र रद्द किए गए। जांच के बाद 97 नामांकन पत्र सही मिले। इस प्रकार अब सहारनपुर में 11 नामांकन पत्र, कैराना में 14 नामांकन पत्र, मुजफ्फरनगर में 10 नामांकन पत्र, बिजनौर में 13 नामांकन पत्र, मेरठ में 11 नामांकन पत्र, बागपत में 13 नामांकन पत्र, गाजियाबाद में 12 नामांकन पत्र और गौतमबुद्धनगर में कुल 13 नामांकन पत्र सही मिले।

दूसरे चरण की आठ सीटों पर कुल 136 उम्मीदवारों ने अपने भाग्य को आजमाया है। पर्चा दाखिले के अंतिम दिन सोमवार को 93 उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए। इसमें नगीना (बिजनौर) से पांच, अमरोहा से 12, बुलंदशहर से आठ, अलीगढ़ से 14, हाथरस से छह, मथुरा से 17, आगरा से 14 और फतेहपुर सिकरी में 17 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए हैं। इस प्रकार दूसरे चरण के लिए नगीना में नौ, अमरोहा में 15, बुलंदशहर में 13, अलीगढ़ में 20, हाथरस में 11, मथुरा में 25, आगरा सुरक्षित में 18 और फतेहपुर सिकरी में 25 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।

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