497 धारा ख़तम कर सुप्रीम कोर्ट ने लिया गलत फैसला, अवैध संबंध का खुला न्योता

शादीशुदा जीवन खतरे में, विदेशी सभ्यता का खुला न्योता, समाज तोड़ने की शाजिश, बच्चो का भविष्य खतरे में, परिवार में असंतोष बढेगा, पति पत्नी के संबंध के आधार को कमजोर करने का फैसला यैसे कई समस्या आने वाले है

आज के तारीख में सुप्रीम कोर्ट मनमाना कम कर रही इतने सरे केस पेंडिंग है ओ सब कम छोड़ कर हमारे समाज को बिगड़ने में तुले है मुझे लगता है जज लोगो को भारत की नहीं बल्कि अपने बारे में सोच के फैसला लिया जबकि उनको कोई हक़ नहीं है ये कम पार्लियामेंट में होना चाहिए था.

शादीशुदा जीवन खतरे में, विदेशी सभ्यता का खुला न्योता, समाज तोड़ने की शाजिश, बच्चो का भविष्य खतरे में, परिवार में असंतोष बढेगा, पति पत्नी के संबंध के आधार को कमजोर करने का फैसला यैसे कई समस्या आने वाले है.

जजों को नहीं पता की समाज क्या है शादी के शब्द का मतलब नहीं पता, अगर शादी में बाद पति और पत्नी किसी और से संबंध बनाते है तो बच्चो और परिवार में क्या असर पड़ेगा क्या बच्चा अपने पैरेंट को रेस्पेक्ट दे पायेगा जिसके नज़र में भगवान का दर्जा है. पति कही और रिलेशन में है पत्नी कई और रिलेशन में है दोनों अलग अलग मजे कर रहे है बच्चे पे क्या असर पड़ेगा इससे कोई मतलब होगा.

हम सब अपने बच्चो के लिए करते है और आधार ही कमजोर होगा तो आप ही सोचो आगे क्या होगा. अगर कानून बनाना ही था तो शादी के बाद जो क्राइम ह रहे है उसपे रोक लगाने के लिए बनाओ. मजे के लिए कुल्ला रास्ता मत बनाओ येडलटरी को लीगल बनाया जा रहा है ताकि भारत के लोग विदेशी कल्चर में रहे इसका मतलब अलग अलग रहो मनमानी लाइफ जिओ.

भारत एक संस्कारो का देश है शादी के समाज बनता है जिसमे हम रहते हमारे घर में एक महिला माँ बहन पत्नी के रूप में रहती है जिनका जगह सबसे ऊपर है वही महिला कम भी करती है उसके बाद भी सब कुछ अच्छा होता. महिलाओं को समानता का अधिकार बिलकुल है एक पति चाहता उसकी पत्नी अच्छे से रहे बेटा चाहता है की माँ अच्छे से रहे है.

जिन महिलाओ को शादी नहीं करना है, जिनको अपनी मनमानी करनी है, जिनको अपनी जिम्मेदारी नहीं निभानी है, और पुरुषो के लिए भी लागु होता है उन सभी के लिए अच्छा होगा लेकिन आने वाले समय में इसका बहोत ही बुरा असर पड़ने वाला है.

जज लोगो से निवदन है रोकने वाले कानून बनाये बढ़ाने वाले नहीं.

Back to top button