छत्तीसगढ़ नगर पालिका निगम अधिनियम के तहत मुंगेली से 5 एल्डरमैन नियुक्त

मनीष शर्मा:

मूँगेली: राज्य सरकार ने नगरीय निकाय चुनावों की घोषणा से महज चंद दिनों पहले नगर पालिका निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत के लिए नामांकित पार्षदों (एल्डरमैन) को मनोनित किया है।

छत्तीसगढ़ नगर पालिका निगम अधिनियम के तहत धनतेरस के दिन की गई इन नियुक्तियों में मुंगेली में भी 5 लोगो की नियुक्ति की गई है जिसमे 2 महिलाएं और 3 पुरूष को बनाया गया है।

पारिवारिक रूप से कांग्रेस की राजनीति से जुड़े रहने का फायदा

सभी वर्गों एवं जातिगत समीकरण को ध्यान में रखकर की गई नियुक्ति में वरिष्ठ नेता शीतल दुबे जो कि काफी लंबे समय से नगर की राजनीति से जुड़े हुए रहे है, पारिवारिक रूप से कांग्रेस की राजनीति से जुड़े रहने का फायदा इनको मिला है।

अध्यक्ष जैसे प्रमुख पद में लंबे समय से राजनीति में सक्रिय

वहीं बात करे दूसरे नाम की तो कौशल सिंह छत्रिय पूर्व जनपद सदस्य, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जैसे प्रमुख पद में रहते हुए लंबे समय से राजनीति में सक्रिय भूमिका रही है। वहीं आरिफ खोखर वर्तमान में शहर उपाध्यक्ष है साथ ही युवा वर्ग में विशेष पकड़ होने के कारण इनकी नियुक्ति से आगामी नगरीय निकाय चुनाव में फायदा जरूर मिलेगा। वही शहर कांग्रेस कमेटी को भी संतुष्ट करने का प्रयास किया गया है।

वहीं दूसरी ओर महिलाओं की नियुक्ति को देखे तो पूर्व लोक निर्माण मंत्री मोहम्मद बसीर खान की बहू और पूर्व पार्षद जाहिद बेगम को मौका दिया गया , राजनीति में बड़ी पारी खेल चुकी है बड़े राजनीतिक पकड़ और लोकप्रियता के चलते इनको मौका दिया गया है। वही राजकुमारी हिंडोरे पूर्व पार्षद को मौका देकर अनुसूचित जाति वर्ग और महिला कोटे दोनो को संतुलित करने का प्रयास किया गया है।

नियुक्ति को लेकर जहाँ एक ओर समर्थको में भारी उत्साह देखा जा रहा है वहीँ बड़ी आस लगा कर बैठे कार्यकर्ता को निराशा भी हुई है।

जानकारी के अनुसार एल्डरमैन की नियुक्ति के लिए सभी प्रमुख नेताओं ने अपने 2 समर्थकों के नाम तो दिए थे जिनकी बड़ी संख्या बताई जाती थी। सभी प्रमुख नेता अपने लोगो को पद में बैठाने यदि चोटी जोर लगा रहे थे परंतु अचानक जारी हुए लिस्ट से माना ये जा रहा है। उक्त नियुक्ति में पार्टी के एक बड़े नेता के ही लोगो को पद दिया गया है।

हालांकि नियुक्ति में जितने लोगो का नाम है काफी सक्रिय एवं पार्टी से लंबे समय स जुड़े हुए है इन पर आपत्ति शायद ही खुलकर आये। बहरहाल जो भी हो कांग्रेस की राजनीति में ये कहना अतिश्योक्ति न होगी कि एक प्रभावशाली बड़े नेता की बात को संगठन ने और सरकार ने तव्वजो दी है।

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