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भारतीय जीवन बीमा कारपोरेशन की 5 बड़ी जीवन बीमा पॉलिसी

आजीविका कमाने वाले के असामयिक निधन पर परिवार की समय से मदद करता है

नई दिल्ली: जीवन बीमा ऐसा अनुबंध है, जो उन घटनाओं के घटने पर, जिनके लिए बीमित व्यक्ति का बीमा किया जाता है, एक ख़ास रकम अदा करने का वादा करता है. अनुबंध निम्नलिखित अवधि के दौरान बीमित रकम के भुगतान के लिए वैध होता है :
भुगतान तिथि, या नियत अवधि के अंतराल पर खास-खास तिथियों पर या?

दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु पर बशर्ते कि वह भुगतान अवधि से पहले हो

अनुबंध के तहत पॉलिसी धारक को नियत अंतराल पर निगम को प्रीमियमों का भुगतान करना होता है. एल.आई.सी.सार्वभौमिक रूप एक से ऐसा संस्थान माना जाता है, जो जोखिम दूर करता है और अनिश्चितता की जगह निश्चितता लाता है तथा आजीविका कमाने वाले के असामयिक निधन पर परिवार की समय से मदद करता है.

कुल मिला कर जीवन बीमा मृत्यु की वजह से पैदा होने वाली समस्याओं का सभ्यताजन्य आंशिक समाधान है. संक्षेप में, जीवन बीमा का संबंध हर व्यक्ति के जीवन में आने वाली दो समस्याओं से हैः समय से पहले व्यक्ति के मर जाने और अपने आश्रितों को उनके हाल पर छोड़ जाने बुढ़ापे तक बिना सहारे के जीने की जीवन

बीमा एक सुरक्षित और स्वस्थ जीवन के लिए बहुत अहम है. लोगों को इसमें निश्चित रूप से निवेश करने की जरुरत है. इसकी अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि दुर्भाग्यवश किसी घटना में मृत्यु हो जाने पर जीवन बीमा पॉलिसी परिवार का सहारा बनती है.

यदि आप अपने परिवार में अकेले ही कमाने वाले हैं और मासिक सैलरी (Salary) पर काम करते हैं तो आपके लिए जीवन बीमा पॉलिसी कराना और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है. हम आपको बताने जा रहे हैं भारतीय जीवन बीमा कॉरपोरेशन (LIC) की 5 बड़ी जीवन बीमा पॉलिसी के बारे में.

टेक टर्म प्लान: एलआईसी का टेक टर्म प्लान एक ऑनलाइन बीमा पॉलिसी है जो ऑफलाइन पॉलिसी से सस्ती है. यह एक नॉन-लिंक्ड, विदआउट प्रॉफिट प्योर प्रोटेक्शन ऑनलाइन टर्म पॉलिसी है. इस पॉलिसी की अवधि 10 से 40 साल तक की है, जिसे 18 से 65 साल तक की उम्र के व्यक्ति ले सकते हैं. इसमें अधिकतम उम्र सीमा 80 साल है.

इसमें लाइफ कवर राशि 50 लाख रुपये है. इसमें स्मोकर और नॉ-स्मोकर के लिए अलग-अलग प्रीमियम उपलब्ध हैं. यह एक नॉन-मेडिकल स्कीम है. इसे एलआईसी की वेबसाइट से सीधे अप्लाई किया जा सकता है. इसमें आपको जरूरी डिटेल भरने के साथ पेमेंट करनी होगी और डॉक्युमेंट पॉलिसी धारक के दिए पते पर भेजे जाएंगे.

न्यू जीवन आनंद स्कीम: एलआईसी की कुछ बीमा पॉलिसी बचत तो कुछ जीवन सुरक्षा को कवर करती है, लेकिन इसमें दोनों शामिल है. इसमें बोनस भी मिलते हैं और पॉलिसी की अवधि के बाद भी रिस्क कवर जारी रहता है.

18 से 50 साल की उम्र के व्यक्ति इस पॉलिसी को ले सकते हैं. इसमें कम से कम 1 लाख का सम एश्योर्ड आवश्यक शर्त है, लेकिन आप इसमें ज्यादा रकम का भी सम एश्योर्ड ले सकते हैं. इस पॉलिसी की अवधि 15 से 35 साल है. यह ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से ली जा सकती है. इस पॉलिसी को खरीदने के 3 साल बाद आप अपनी पॉलिसी से कर्ज लेने के भी योग्य हो जाते हैं.

जीवन अमर: एलआईसी की यह पॉलिसी एक प्योर टर्म प्लान है. इसमें लाइफ कवर चुनने के दो विकल्प पहला लेवल बीमित और दूसरा इंक्रीसिंग बीमित रकम हैं. इसमें 80 साल की उम्र तक लाइफ कवर मिलता है. यदि पॉलिसी के दौरान धारक की मृत्यु हो जाती है तो नॉमिनी को बीमा राशि मिलती है.

यह एक ऑफलाइन बीमा पॉलिसी है. इस पॉलिसी को 18 से 65 साल तक की उम्र के व्यक्ति ही ले सकते हैं. इसमें न्यूनतम बीमा राशि 25 लाख और अधिकतम बीमा राशि की कोई सीमा नहीं है. इस पॉलिसी की अवधि 18 से 40 वर्ष है.

जीवन उमंग पॉलिसी: एलआईसी की यह एक आजीवन बीमा योजना है. इसे साझेदारी योजना भी कहते हैं क्योंकि इसमें फाइनल एडिशन बोनस भी मिलता है. इसमें प्रीमियम भुगतान अवधि के बाद बीमित रकम के 8 फीसदी का लाभ आजीवन या 100 वर्ष की आयु तक मिलता है. साथ ही इसमें प्रीमियम, मृत्यु लाभ और मैच्योरिटी लाभ पर टैक्स लाभ भी मिलता है. यह पेंशनधारकों के लिए बेहतरीन योजना है. इसमें भुगतान किए गए प्रीमियम को इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स में राहत मिलती है. इस पॉलिसी में लोन सुविधा भी है. इसमें जोखिम कवरेज पॉलिसी की अवधि के अंत तक होता है. आत्महत्या की स्थिति में पॉलिसीधारक द्वारा भुगतान की गई राशि का 80 फीसदी तक लौटाया जाता है, यदि वे एक साल से पहले सुसाइड करता है.

जीवन उमंग पॉलिसी: एलआईसी की यह एक आजीवन बीमा योजना है. इसे साझेदारी योजना भी कहते हैं क्योंकि इसमें फाइनल एडिशन बोनस भी मिलता है. इसमें प्रीमियम भुगतान अवधि के बाद बीमित रकम के 8 फीसदी का लाभ आजीवन या 100 वर्ष की आयु तक मिलता है. साथ ही इसमें प्रीमियम, मृत्यु लाभ और मैच्योरिटी लाभ पर टैक्स लाभ भी मिलता है. यह पेंशनधारकों के लिए बेहतरीन योजना है. इसमें भुगतान किए गए प्रीमियम को इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत टैक्स में राहत मिलती है. इस पॉलिसी में लोन सुविधा भी है. इसमें जोखिम कवरेज पॉलिसी की अवधि के अंत तक होता है. आत्महत्या की स्थिति में पॉलिसीधारक द्वारा भुगतान की गई राशि का 80 फीसदी तक लौटाया जाता है, यदि वे एक साल से पहले सुसाइड करता है.

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