5 साल पहले जंगली हाथियों ने उजाड़ा आशियाना, अभी तक नहीं मिली राहत

हितेश दीक्षित, गरियाबंद :

छूरा: मोदी सरकार का सपना को ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि ही चूर चूर करने में लगे हैं जरूरत मन्दो को आवास नही मिल पा रहा है और जिस परिवार में निजी आवास की पर्याप्त व्यवस्था होने के बावजूद उनको पीएम आवास दे दिया गया है।

ऐसा ही मामला देखने को मिला विकाशखण्ड छुरा के कोसमी पंचायत के ग्राम बम्हनी निवासी सुबरन सिंह नेताम उम्र 78 वर्ष के घर को 5 साल पूर्व कुछ जंगली हाथियों के दल ने सुबरन घर को तहस नहस कर दिया था जिसके कारण उनका मिट्टी का घर पूरी तरह से तहस नहस हो गया सुबरन नाम का वृद्ध को अभी तक कोई मुआवजा नही मिला है।

धड़ल्ले से वनपट्टा वितरण

वनविभाग अमला भी आज कल धड़ल्ले से वनपट्टा वितरण कर रही है मगर जो वन जीवो के हरकतों से परेशानी झेल रहे हैं जिनको जनधन की हानि हुई है उसके लिए पुख्ता इंतजाम सही समय मे नही हो पा रहा है और न ही निर्धारित मुआवजा नही मिल पा रहा है।

क्योंकि अभी तक हाथी हमला के 60 माह बीत जाने के बाद भी बम्हनी निवासी सुबरन सिंह को एक चवन्नी तक नही मीला जिसके कारण बेसहारा उनके पास उझड़ें हुए घर को मरम्मत कराने के पैसे भी नही है। मुआवजा की राशि का अर्षो से इंतजार करने के बाद थककर उन्होंने अपने बचे हुए जमीन ब्यारा में 10 बाईं 10 के झोपड़ी बनाकर जीवन यापन कर रहे हैं।

उनकी पत्नी नही होने के कारण वे खाना खुद उसी झोपड़ी में बनाते हैं उनके संतान उनसे अलग रहते हैं और उक्त झोपड़ी में 4 नग कांड नीचे से गड़ा है और ऊपर में छाव के लिए पैरा डाला गया है। ठंड से बचने के लिए जलाऊ लकड़ी का सहारा लिया जाता है।

पंचायत का बेरहम बरताव

78 वर्ष के वृद्ध के रहने के लिए साधन नही होने के साथ साथ उनके ऊपर पंचायत का बेरहम बरताव इतना शर्मनाक हैं कि आवास तो दूर उनका राशन कार्ड होने के बावजूद उनके जमीन में कही पर भी शौचालय नही बनाया गया आवास तो दूर की बात है।

और उसी पंचायत में कई ऐसे घर है जिनके यहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं फिर भी उनको शौचालय आवास मुहैया कराया गया मगर उक्त बेसहारा बुजर्ग जिनके लिए आवास और शौचालय की अति आवश्यक है फिर भी बेरहम सचिव सरपंच के द्वारा कभी उनके तरफ झाक कर भी नही देखा गया।

सचिव को कई बार मदद की गुहार

बुजुर्ग के बताए अनुसार कई मर्तबा सरपंच रामेश्वरी ध्रुव एवं सचिव को कई बार मदद की गुहार लगायी गयी मगर इनकी गुहार किसी ने नही सूना न ही बुजुर्ग की बात को ध्यान दिया गया इसलिए आज बेसहारा बुजुर्ग झोपड़ी में रहने के लिए मजबूर हैं सामान्य तौर पर सोचा जाय तो बुजुर्ग इस कड़कती ठंड में पश्चाताप कर रहे है और पंचायत के सरपंच सचिव को कोष रहे हैं एवं सरपंच सचिव की लापरवाही के चलते बुजुर्ग को नर्क जैसे जीवन यापन सामना करना पड़ रहा है।

कोसमी पंचायत के बेशुध सचिव काशीराम साहू के द्वारा 6 माह से पदभार लेने के बावजूद भी उनको ये भी पता नही है कि उनके पंचायत में किसी बुजुर्ग का 5 साल से आशियाना बिखरा पड़ा है जिनको आवास और शौचालय की सख्त जरूरत है।

6 माह हुए सचिव काशीराम को पंचायत में आये

बेशुध सचिव काशीराम ने सुबरन के लिये न शौचालय निर्माण करवाया गया न ही पीएम आवास मुहैय्या कराया गया । 6 माह उक्त पंचायतमें आने के बावजूद उनको ये भी होश नही है कि उनके पंचायत में कितने लोगों को शौचालय की जरूरत है कितने को आवास की।

रसखुर्दार सरपंच सचिव धड़ल्ले से शौचालय निर्माण की राशि को हितग्राहियों के खाते में डाला जा रहा है मगर जिन व्यक्तियों के घर मे अभी तक शौचालय क्यो नही बना है उसका कारण जानने उनके यहां न कभी सचिव गया न ही सरपंच।

मै आज जो भी स्तिथि में हु सब पंचायत और वन विभाग की कर्षतानी के कारण हु मुझे कोई मुआवजा नही मिला है और आवास शौचालय के लिए मैंने कई बार सरपंच सचिव को बोला कि मुझे आवास की शख्त जरूरत है मुझे मजबूरन झोपड़ी में रहना पड़ता है मैं शौच के लिए खुले में जाता हूं मुझे शौचालय की जरूरत है फिर भी मेरी बातों को ध्यान नही दिया जाता है।
सुबरन सिंह नेताम पीड़िता बम्हनी ग्राम पंचायत कोसमी

मुझे 6 माह हुए हैं इस पंचायत में आये बहुत कुछ पता नई है उनके यहाँ आवास नही है इसलिए शौचालय नही बना है बोला गया और आवास क्यो नई बनाया गया पूछने पर सचिव ने बात को घुमा दिया और कहा मैं नया हु पंचायत को समझने में समय लगता है – काशीराम साहू: सचिव ग्राम पंचायत कोसमी छूरा

हम सभी का राशि दे दिए हैं आपसे हमे जानकारी मिली है उनको क्यो नई मिला चेक करवाता हु : राजेश पांडेय डीएफओ वन विभाग जिला गरियाबंद

1
Back to top button