जंगल सफारी में कुलांचे भरेंगे 50 कालें हिरण

घड़ियाल और मादा वन भैंसा को करीब से देखने का मिलेगा मौका

रायपुर। राजधानी के जंगल सफारी में नए बन रहे चिड़ियाघर में दिल्ली के 50 कालें हिरण कुलांचे भरेंगे । इसके अलावा कई बाहरी प्रदेशों से ओर जीव-जंतु इस नए चिड़ियाघर में लाएं जाएंगे।

जिनमें वन्य जीवों के कुनबे में भुवनेश्वर का हिप्पो, बिलासपुर का घड़ियाल व करनाल (पंजाब) से आ रही मादा वन भैंसा भी शामिल होंगे। इन्हें जंगल सफारी में पहुंचाने की तैयारी अंतिम दौर में है। वन्य जीवों को लेने के लिए जंगल सफारी की टीमें इन स्थानों के लिए रवाना हो चुकी हैं।

नंदनवन अब सिर्फ पक्षी विहार रह जाएंगा

जू अथारिटी ऑफ इंडिया की गाइड लाइन के मुताबिक एक शहर में एक ही चिड़िया घर संचालित किया जा सकता है। इसी क्रम में नंदन वन स्थित चिड़िया घर को जंगल सफारी में शिफ्ट किया जा रहा है।

नंदनवन को अब सिर्फ पक्षी विहार रह जाएगा। चिड़िया घर जंगल सफारी में स्थानांतरित हो रहा है।

नंदनवन से जंगल सफारी शिफ्ट हो रहे वन्य जीव

अधिकतर वन्य जीवों को नंदन वन से जंगल सफारी शिफ्ट किया जा चुका है। जंगल सफारी में अन्य प्रदेशों व शहरों से भी कुछ वन्य जीव लाए जा रहे हैं, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होंगे।

यहां मादा वन भैंसा क्लोन तैयार किया गया है। वन विभाग की टीम करनाल से मादा वन भैंसा लेकर रायपुर के लिए रवाना भी हो चुकी है।

दिल्ली भेजे गए दो पैंथर

जंगल सफारी से दो पैंथर दिल्ली भेजे गए हैं। जंगल सफारी के एसडीओ विनोद ठाकुर ने बताया कि चिड़िया घर में आदान-प्रदान की प्रक्रिया चलती रहती है।

जंगल सफारी में पर्यटकों को एक साथ सभी वन्य जीवों को दिखाया जा सके, इसका प्रयास किया जा रहा है। जंगल सफारी का चिड़िया घर देश के समृद्ध चिड़ियाघरों में से एक होगा।

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