13 अप्रैल को 5000 और 17 अप्रैल को 2500 और आ जाएंगे किट्स: टीएस सिंहदेव

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 85 हज़ार के लगभग लोग क्वारेन्टीन में

रायपुर:छत्तीसगढ़ में 7 और कोरोना पॉजिटिव पाये गए हैं, सभी कोरबा जिले के कटघोरा से है, सातों संक्रमित तबलीगी जमात के जुड़े हुए हैं। अब एम्स रायपुर में कटघोरा के कुल 15 मरीज भर्ती है, वहीं इलाज के बाद स्वस्थ हुए 10 मरीज को मिलाकर राज्य में कुल 25 केस पाये गए।

वहीँ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से चर्चा में यह बात निकल कर आई है कि कोरोना संक्रमण का और अधिक विक्राल रूप सामने आ सकता है। स्वास्थ्य मंत्री से हमने कुछ ऐसी जानकारी प्राप्त की जो आम नागरिकों के दिमाग मे उठ रहे हैं।

प्रश्न आपके :

1. कोरोना संक्रमण की टेस्टिंग के लिए क्या टेस्टिंग किट्स की कमी है ? यदि कमी है तो उन्हें कब तक बढ़ाया जाएगा ? देरी क्यों हो रही है ?

2. संकट के समय किट खरीदने में देर क्यों ? इसे खरीदने के लिए टैंडर क्यों, सीधी खरीदी क्यों नहीं ?

3. क्या इस संकट से निपटने के लिए हमारे पास पर्याप्त डॉक्टर्स हैं ? क्या इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है ?

4. सरकारी अस्पतालों को क्या निजी अस्पतालों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा ?

5. अपने प्रदेश में लॉक डाउन बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री के निर्देश का इंतज़ार क्यों ? स्थिति देखतर हुए, मुख्यमंत्री या आप निर्णय क्यों नहीं ले सकते ?

6. अब तक कितने लोगों का टेस्ट हुआ है ? क्या ये सँख्या, खतरे को देखते हुए कम नहीं है ?

जवाब स्वास्थ्य मंत्री जी का :

अन्य लोगों की तरह मैं भी यह मानता हूँ कि हमारे यहाँ टेस्टिंग किट्स की कमी है । भारत सरकार ने जो टेस्टिंग किट्स की व्यवस्था की थी वो इतने सीमित हैं कि यदि टेस्टिंग किट्स मंगवाएँगे भी तो टेस्ट कहाँ करेंगे आज हमारी टेस्टिंग कैपेसिटी सिर्फ 400/500 की है।

मार्च 15 से हमारे यहाँ पहला टेस्ट हुआ है । केंद्र के प्रोटोकॉल के अनुसार यह था कि जिसको सिम्टम्स दिखे या जो एक खास जगह से आये उसे ही टेस्ट करना है । यह इतना सीमित प्रोटोकॉल था कि टेस्टिंग हो ही नहीं रही थी । पहले जहां टेस्टिंग नहीं होती थी वहीं आज 300 से 400 टेस्ट रोज़ हो रहे हैं।

किट्स के बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आज हमारे पास केवल एक हज़ार किट्स हैं। पर 13 अप्रैल को 5000 और 17 अप्रैल को 2500 किट्स और आ जाएंगे।

टीएस सिंहदेव ने बताया कि NIV (National Institute of Virology) से सीधे AIMS को किट्स आ रहे हैं जिनकी सप्लाई पहले बहुत सीमित थी। टेस्टिंग नहीं होने के पीछे कारण यही था। जब हमने और अन्य प्रदेशों ने लगातार लिखा-पढ़ी की, तब इन्होंने प्राइवेट संस्थाओं से खरीदी शुरू की। टेस्टिंग किट्स की गुणवत्ता परखने के बाद उन्हें खरीदने की अनुमति दी। वैसे यह भी सीमित है।

टेस्टिंग किट्स खरीदने के लिए टेण्डर ज़रूरी है इसलिए भी देर हुई। टेस्टिंग किट्स दो प्रकार के होते हैं RTPCR जो AIMS में चल रहे हैं। दूसरा है Rapid testing Kid, एक अलग सिस्टम है जिसमे diabities का जैसे टेस्ट तत्काल रिजल्ट आ जाता है। हमने 75 हज़ार Rapid testing kit का टेण्डर किया है और उस पर अध्ययन भी किया जा रहा है। टेण्डर प्रक्रिया के लिए एक हाई पावर कमीटी बनी है जिसमे OSD राजेश टोप्पो, भुवनेश्वर यादव के अलावा इंडस्ट्री तथा फाइनेंस विभाग के अधिकारी हैं।

टेस्टिंग के सम्बंध में उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल तक लगभग 3200 टेस्ट हुए थे। हमने 1 तारीख़ को किट्स बढ़ाने की अनुमति माँगी जो 4 तारीख़ को दी गई।

अब तक 3159 टेस्ट हुए जिनमे 18 पोसिटिव पाये गए और 88 कि रिपोर्ट आनी बाकी है । पोसिटिव मरीजों की संख्या बढ़ सकती है । और जो ग्रसित हैं उनके ठीक होने की संभावना है। संक्रमण कहाँ से आया और लक्षण तथा लक्षण वालों के अनुसार टेस्टिंग करते हैं।

वेंटिलेटर हमारे पास अभी 622 हैं। ये पर्याप्त हैं या नहीं ये मज़दूरों की संख्या पर निर्भय करता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता पर कहा कि यह खतरे के आकार पर निर्भर करता है। किंतु आज की स्थिति के अनुसार हमारे पास उपलब्ध रायपुर मेंडॉक्टर पर्याप्त हैं। लेकिन अनुमानुसार यह संक्रमण बड़ा रूप ले सकता है तो स्वाभाविक है कि ना संसाधन और ना ही डॉक्टर पर्याप्त हैं। वैसे, प्राइवेट डॉक्टर्स की लिस्ट हमारे पास हैं उनका सहयोग लेंगे।

अभी हमारे यहाँ कुल 18 कोरोना संक्रमित मरीज़ हैं पर हमने 4100 बिस्तर चिन्हांकित कर लिए हैं। हर जिले में अलग अलग डॉक्टरों की टीम हैं और प्रति जिले में 100 बिस्तर चिन्हित किये गए है। साथ ही 4 मेडिकल कॉलेज में 100-100 बिस्तरों का इंतज़ाम है। इसके अलावा वर्तमान में रायपुर के मेडिकल कॉलेज में 500, माना में 100, AIMS में 500 तथा 200-200 बिस्तरों में कुल 4100 बिस्तरों के साथ यहां ICU का नही इंतज़ाम है।

ज़रूरत पड़ने पर स्कूल, कॉलेज, आश्रम, छात्रावास, निजी संस्थान, होटल, मेर्रिज पैलेस, धर्मशाला, इत्यादि चिन्हित हैं। अनेक अस्पतालों ने खुद हमे अपने संस्थान देने की बात कहीं है। यदि स्थिति अधिक बिगड़ी तो इनका सहयोग लिया जाएगा।

लॉक डाउन घोषित करने का निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे। सबकी राय लेकर निर्णय लेमगे। वैसे लॉक डाउन का मुद्दा केंद्र सरकार से जुड़ा है। वैसे, 24 मार्च को लॉक डाउन करने के विषय मे किसी से पूछा नहीं और लागू कर दिया गया । राज्यों की सीमा सील करने का निर्णय मुख्यमंत्री पर निर्भर करता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 85 हज़ार के लगभग लोग क्वारेन्टीन में हैं।

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