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अवैध धान रोकने 57 प्रकरण दर्ज

3 लाख 53 हजार क्विंटल धान की खरीदी

( दीपक वर्मा )

जिले में अभी तक 8 हजार 774 किसानों ने बेची समर्थन मूल्य पर धान

3 लाख 53 हजार क्विंटल धान की खरीदी

किसी भी किसान के विरुद्ध कोई कार्रवाई नही

राजिम : गरियाबंद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है । एक दिसम्बर 2019 से 08 दिसम्बर 2019 तक पहले ही सप्ताह में 8 हजार 774 किसानों से 3 लाख 53 हजार 348 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। ध

खाद्य अधिकारी एच के डड़सेना ने बताया कि जिले के पंजीकृत 72 हजार वास्तविक कृषकों से धान खरीदी सुनिश्चित करने के लिए अवैध धान खपाने की कोशिशों पर लगाम कसने की प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही दूसरे प्रदेशों से आने वाले धान पर तथा कोचियों, बिचैलियों पर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

8 दिसम्बर 2019 की स्थिति में कुल 57 प्रकरणों में 26 हजार 736 क्विंटल धान जप्ती की गई है। अंतर्राज्यीय प्रकरणों के 7 प्रकरण दर्ज किया गया है।जिसमें 7 वाहनों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को घबराने की जरूरत नही है । किसी भी किसान के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।

सभी प्रकरणों में धान खरीदी के ऐसे प्रकरण जिसमें बिना किसी मंडी लाइसेंस अथवा अन्य दस्तावेज जैसे खरीदी पत्रक नहीं होने पर कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की तरह जिले में भी छोटे व्यापारियों द्वारा वैध तरीके से किसानों से धान खरीदने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

शासन के निर्देश के अनुसार ही एक ही प्रकार के कृषि उपज के संबंध में मंडी अधिनियम के तहत 4 क्विंटल के स्थान पर 10 क्विंटल के संग्रहण की अनुमति छोटे व्यापारियों को दी गई हैै। प्रदेश में धान खरीदी 15 फरवरी 2020 तक की जाएगी। धान खरीदी केन्द्रों के क्षमता के अनुसार किसानों को असुविधा से बचाने के लिए टोकन जारी करने की व्यवस्था प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी गई है।

यह अफवाह असत्य है कि कोई लिमिट लगाकर किसानों से धान खरीदी की जा रही है। धान की खरीदी के लिए छोटे-बड़े सभी किसानों से उनके पंजीकृत रकबे के अनुसार प्रति एकड़ 15 क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की जाएगी एवं धान खरीदी के लिए प्रत्येक किसान को अपनी उपज बेचने का अवसर प्रदान किया जाएगा। प्रदेश में धान खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है।

जैसे कि विदित है कि 2500 प्रति क्विंटल की दर से शेष राशि के भुगतान के लिए अन्य राज्यों में प्रचलित योजना का अध्ययन कर पृथक योजना शीघ्र लागू की जाएगी। शासन द्वारा धान खरीदी के लिए आवश्यक धन राशि तथा बारदानों की व्यवस्था की गई है।

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