प्रदेश की 5987 ग्राम पंचायतें जुड़ेंगी ऑप्टिकल फाइबर से

प्रदेश की 5987 ग्राम पंचायतें जुड़ेंगी ऑप्टिकल फाइबर से

रायपुर । राजधानी रायपुर में शनिवार को भारत नेट परियोजना के दूसरे चरण के लिए केन्द्र और राज्य सरकार के बीच परस्पर समझौते के ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता और केन्द्रीय संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के मुख्य आतिथ्य में हस्ताक्षर हुए।

मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि, छत्तीसगढ़ आज डिजिटल क्रान्ति के एक नये युग में प्रवेश कर रहा है। परियोजना के जरिए गांवों और शहरों के बीच डिजिटल दूरी कम करने के लिए छत्तीसगढ़ के 85 विकासखण्डों की पांच हजार 987 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे इंटरनेट कनेक्टिविटी का विस्तार होगा।

इस एमओयू पर केन्द्र सरकार की ओर से भारत नेट परियोजना से संबंधित यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड के प्रशासक संजय सिंह और राज्य सरकार की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव संजय शुक्ला ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर रायपुर के लोकसभा सांसद रमेश बैस, प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव विवेक ढांड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

4 हजार 104 ग्राम पंचायतों में कार्य जारी : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल भारत अभियान के तहत केन्द्र सरकार की ओर से भारत नेट परियोजना गांवों और शहरों के बीच डिजिटल दूरी को कम करने और आम जनता तक सूचना, शिक्षा, बाजार, बैंक और इंटरनेट की आसान पहुंच करने के लिए शुरू की गई है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विशेष पहल पर वर्तमान में राष्ट्रीय ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क के प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ के 64 विकासखण्डों की चार हजार 104 ग्राम पंचायतों में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की ओर से ऑप्टिक फाइबर कनेक्टिविटी देने का कार्य किया जा रहा है। इनमें से 1800 ग्राम पंचायतों में यह कार्य पूर्ण कर लिया गया है। प्रदेश के सभी जिलों में दूर संचार कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए यह परियोजना शुरू की गई है।

योजना के तहत एमपीएलएस तकनीक से रिंग पद्धति से ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क से जोडऩे के लिए कैपेक्स के रूप में 1600 करोड़ रुपए और ओपेक्स के रूप में 10 वर्ष के लिए 898 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर लिया गया है। इसके अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में 5.66 किलोमीटर लंबाई का ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाया जाएगा। इस प्रकार कुल 32 हजार 466 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की तैयारी की जा रही है।

भारत नेट परियोजना छत्तीसगढ़ के सघन वन क्षेत्रों, नक्सल प्रभावित इलाकों और विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रों में संचार नेटवर्क को बेहतर बनाने की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होगी। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप संचार क्रांति योजना (स्काई) के तहत राज्य के लगभग 50 लाख लोगों को नि:शुल्क स्मार्ट फोन देने की तैयारी भी शुरू हो गई है। इन संभावित स्मार्ट फोन धारकों के लिए भी भारत नेट परियोजना काफी उपयोगी साबित होगी। इंटरनेट बैंकिंग और कैशलेस डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा।

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