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बलिया में TV पत्रकार की हत्या के मामले में 6 गिरफ्तार

CM ने पीड़ित परिवार को दी 10 लाख की आर्थिक सहायता

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के बलिया में सोमवार देर शाम एक निजी चैनल के पत्रकार रतन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वो भाग निकले. घटना के बाद पहुंचे एसपी देवेंद्र नाथ, समेत कई अधिकारी तहकीकात में रात भर जुटे रहे. इस मामले में अभी तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पत्रकार के परिजन को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. बलिया पुलिस अधीक्षक के पीआरओ विवेक पांडेय ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने अब तक 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि कई अन्य की तालाश जारी है.

उधर, पत्रकार के पिता ने आपसी रंजिश के दावे को बेबुनियाद बताया है. रतन सिंह के पिता विनोद सिंह ने कहा कि, ‘कोई विवाद नहीं था. ससमोली पुलिस प्रभारी द्वारा उच्च पुलिस अधिकारियों को झूठी रिपोर्ट दी गई है. मेरे बेटे को झूठे बहाने से बुलाया गया था. जिस स्थान पर हत्या हुई, वह पुलिस स्टेशन से मुश्किल से 20 कदम दूर है.

आजमगढ़ के डीआईजी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि मामले में 10 आरोपी हैं. इनमें कई मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो गये हैं. जो फरार हैं उनकी तलाश जारी है. उन्होंने बताया कि इस घटना में पत्रकारिता से संबंधित कोई बात शामिल नहीं है. यह पूरी तरह से दो पक्षों के बीच जमीन विवाद का मामला है.

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक पत्रकार के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने उनके परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

गौरतलब है कि पत्रकार रतन सिंह सोमवार शाम को गांव में ही किसी के यहां बैठने के बाद पैदल ही वापस घर जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उनपर फोयर कर दिया. ग्रामीणों के अनुसार जान बचाने के लिए रतन ग्राम प्रधान में घर में घुस गए लेकिन हमलावरों ने पीछा नहीं छोड़ा और एक-एक कर तीन गोलियां दाग दी. इससे रतन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिनों पहले रतन का उनके पट्टीदारों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. तब उन्होंने जान से मार देने की धमकी भी दी थी.

इस वारदात के बाद लोगों ने फेफना-रसड़ा मार्ग को जाम कर दिया. लोग आरोपियों की गिरफ्तारी और एसओ फेफना शशिमौली पांडेय को बर्खास्त करने की मांग करने लगे. परिजनों ने फेफना पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया. मौके पर पहुंचे एसपी ने एसओ फेफ ना शशिमौली पांडेय को सस्पेंड करने और जांच के बाद अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खत्म करावाया.

बता दें कि यह वारदात गाजियाबाद में एक पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या के लगभग एक महीने के भीतर ही सामने आई है. गाजियाबाद में पत्रकार को उनकी दो बेटियों के सामने ही हत्या कर दी गई थी, जब उन्होंने अपने भतीजी को परेशान करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी.

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