छत्तीसगढ़

हाईकोर्ट के आदेश पर मुंगेली उपजेल से 6 कैदियों को किया गया रिहा

विधिक सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक में हुआ अहम फैसला

मनीष शर्मा 

मुंगेली:  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए रिट अपील पर सुनवाई करते हुए मुंगेली उपजेल के 6 बन्दियों की रिहाई की गई। मुंगेली उपजेल में बंद छः विचाराधीन बंदीयो की रिहाई का आदेश शुकवार को जारी कर दिया गया, सभी को बंध पत्र के साथ जमानत दी गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी के जमानत आवेदन एवं बंध पत्र उपलब्ध कराये। 7 वर्ष से कम सजा वाले मामलो में आरोपियो को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद रिहा किया गया गया, जिसमें राज्य के ही बंदी को ही छोडा गया है।

विडियो कान्फ्रेसिंग से गुरूवार को हाई पावर कमेटी की बैठक

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाई कोर्ट जस्टिस प्रशांत मिश्रा के अध्यक्षता में विडियो कान्फ्रेसिंग से गुरूवार को हाई पावर कमेटी की बैठक हुई थी। इस बैठक मे निर्गय हुआ था कि सजायाफता कैदियो को जेल प्रशासन पैरोल पर छोड़ेगा, वहीं विचाराधीन बंदीयो को न्यायालय से जमानत दी जायेगी।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुषमा लकड़ा ने बताया कि 7 वर्ष से कम सजा वाले मामलो में ही आरोपियो को अन्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी बैठक पश्चात् जमानत पर छोडा गया है,

3 माह या उससे ज्यादा समय से जेल में बंद विचाराधीन बंदीयो को ही इस क्राइटेरिया में शामिल किया गया है।

बता दें देश मे आये महामारी कोरोना वायरस के मद्देनजर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद विधिक सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में पूरे प्रदेश से 1500 कैदियों की रिहाई पर निर्णय हुआ। निर्यण यह हुआ कि ऐसे विचाराधीन बंदी जिनको सात साल की सजा का प्रावधान है और तीन महीने से जेल में बंद है उनको अंतरिम राहत देते हुए जमानत पर रिहा कर दिया है।

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