छत्तीसगढ़

कवर्धा के दोनों शक्कर कारखाना से 14 हजार से अधिक किसानों का 65 करोड़ रुपए बकाया

लगातार कारखाना प्रबंधक, जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगा रहे किसान

कवर्धा: कवर्धा के भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा और सरदार वल्लभ भाई पटेल शक्कर कारखाना पंडरिया में कुल 20 हजार 182 पंजीकृत किसान और 19 हजार 537 शेयरधारी किसान हंै।

दोनों शक्कर कारखाना में किसानों ने कुल 4 लाख 57 हजार 214.52 मीट्रिक टन गन्ना, समर्थन मूल्य 261.25 प्रति क्विंटल की दर विक्रय किया। इसकी कुल कीमत 124.44 करोड़ रुपए होती है। इसमेंं अब तक मात्र 58.68 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा सका है, जबकि 14 हजार 246 किसानों का 65.76 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं हो पाया है।

पंडरिया शक्कर कारखाना के 4966 किसानों का लगभग 19 करोड़ 45 लाख और भोरमदेव शक्कर कारखाना में 9280 किसानों के लगभग 46.31 करोड़ की राशि का भुगतान लंबित है। भुगतान नहीं होने के कारण किसान परेशान हैं।

किसान लगातार कारखाना प्रबंधक, जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगा रहे हैं। मंत्री से मुलाकात कर लगाई गुहारगन्ना किसानों की आर्थिक समस्या को समझते हुए जिला पंचायत सदस्य तुकाराम चंद्रवंशी ने जिला के दोनों शक्कर कारखाना में किसानों को गन्ना की राशि का लंबित भुगतान की मांग लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे।

सभागार में उपस्थित मंत्री मोहम्मद अकबर को पत्र देकर किसानों की 14,246 किसानों का 65 करोड़ 76 लाख 55 हजार रुपए की राशि भुगतान करने का मांग की। इस पर मंत्री ने जल्द ही किसानों की लंबित राशि का भुगतान करवाने की बात कही है।

न्याय योजना से 42 करोड़ रुपए का भुगतान

शक्कर कारखाना में पूर्व घोषणा के मुताबिक गन्ना प्रति क्विंटल 355 रुपए की दर से खरीदा गया, लेकिन इसका भुगतान 261.25 रुपए की दर से किया गया। इस पर जो बचत राशि 93.75 रुपए प्रति क्विंटल रहा उसका भुगतान राजीव गांधी न्याय योजना के तहत किया गया।

कुल 19 हजार 537 किसानों को 42.86 करोड़ रुपए खातों से भुगतान किया गया है।10 प्रतिशत से अधिक रिकवरी होने पर किसानों को प्रति क्विंटल गन्ने पर 13.75 रुपए बोनस भुगतान करने का प्रावधान है।

पंडरिया शक्कर कारखाना में पिछले दो साल से 10 प्रतिशत से अधिक रिकवरी हो रही है। बावजूद किसानों को अतिरिक्त रिकवरी की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वर्ष 2018-19 में 5 करोड़ और वर्ष 2019-20 में 7.5 करोड़ रुपए रिकवरी बोनस राशि बनाता है। पंडरिया में रिकवरी प्रतिशत छत्तीसगढ़ में अब तक सर्वाधिक 10.91 प्रतिशत रहा है, बावजूद रिकवरी बोनस राशि किसानों को नहीं दिया जा रहा है।

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