छत्तीसगढ़

12 किलोमीटर लंबी एक्सप्रेस-वे के पांचों फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में

तेलीबांधा वाले फ्लाईओवर का काम सबसे पहले अप्रैल में पूरा होगा

रायपुर: स्टेशन से शदाणी दरबार के बीच 12 किलोमीटर लंबी एक्सप्रेस-वे के पांचों फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में है। तेलीबांधा वाले फ्लाईओवर का काम सबसे पहले अप्रैल में पूरा होगा। उसी समय इस हिस्से की सड़क पर ट्रैफिक शुरू कर दिया जाएगा।

इस पैच को शुरू करने के बाद लोग राजातालाब की बाइपास से एक्सप्रेस-वे में एंट्री कर 7 किलोमीटर दूर सीधे शदाणी दरबार तक पहुंच सकेंगे। सीआरडीसी के एमडी विलास भोसकर संदीपन ने बताया कि एक्सप्रेस-वे को बरसात से पहले पूरा करेंगे। सबसे पहले तैयार होने वाले फ्लाईओवर के पैच पर ट्रैफिक शुरू किया जा सकती है।

इसी तरह जिस फ्लाईओवर का काम पूरा होता जाएगा, उस पैच पर ट्रैफिक शुरू कर दिया जाएगा।एक्सप्रेस-वे को एक साथ शुरू करने की बजाय अब इसके अलग-अलग पैच में ट्रैफिक शुरू करने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम (सीजीआरडीसी) के अफसरों के मुताबिक तेलीबांधा फ्लाईओवर का काम सबसे पहले पूरा होगा। इसके बाद ही बाकी फ्लाईओवर बनेंगे।

तेलीबांधा वाले फ्लाईओवर का काम पूरा होने से शहर को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि यही सबसे बड़ा पैच है। फ्लाईओवर बनने के बाद लोग राजातालाब के पास से एक्सप्रेस-वे में एंट्री कर तेलीबांधा, अवंती विहार हाेते हुए सीधे शदाणी दरबार हाईवे पहुंच सकेंगे। उन्हें शहर के ट्रैफिक में फंसने का झंझट नहीं रहेगा।

एक्सप्रेस-वे के पूरे हिस्से को तैयार होने में जून-जुलाई तक का वक्त लग सकता है। इसी वजह से एक्सप्रेस-वे को एक साथ शुरू करने के बजाय अलग-अलग हिस्से में शुरू करने का निर्णय लिया गया ताकि आम लोगों को सहूलियत मिल सके।

निर्माण में लापरवाही से धसकने लगी थी सड़क स्टेशन से शदाणी दरबार के बीच 12 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक को सालभर पहले रोक दिया गया, क्योंकि तेलीबांधा के पास फ्लाईओवर की सड़कें अचानक धसकने लगी थी। इसी बीच एक-एक कर सड़क पर बने पांचों पुल की सड़कों में दरारें पड़ने लगी। इससे निर्माण में लापरवाही का खुलासा हुआ। सरकार ने जांच बिठाई और एक्सप्रेस-वे के सभी पांचों पुलों को तोड़कर नए सिरे से बनाने का निर्णय लिया गया। निर्माण एजेंसी अपने खर्चे पर एक्सप्रेस-वे को फिर से बना रही है।

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