बिहार के दो आईएएस अधिकारियों को कोरोना वायरस ने बनाया अपना शिकार

बिहार विधानसभा में बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया

पटना: बिहार में 24 घंटे में हुई 93523 लोगों की जांच में 4157 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. पटना में 1205 नए मामले आने के बाद प्रदेश के आधा दर्जन जिले संवेदनशील बने हैं. वहीँ बिहार के दो आईएएस अधिकारियों को भी कोरोना वायरस ने अपना शिकार बना लिया.

आईएएस विजय रंजन (59) का मंगलवार को देहांत हो गया. वह चार दिनों पूर्व पटना एम्स में भर्ती हुए थे. वह पंचायती राज विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत थे. साथ ही वैशाली के जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. ललन कुमार राय (62) ने भी कोरोना के कारण दम तोड़ दिया.

बिहार विधानसभा में बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. मिली जानकारी अनुसार विधानपरिषद के 18 और विधानसभा के 11 अधिकारी-कर्मी कोरोना संक्रमित हो गए हैं. वहीं, दो लोगों की मौत भी हो चुकी है.

विधानमंडल में एक साथ कोरोना के इतने मामले सामने आने के बाद सभी अधिकारियों-कर्मचारियों का कोरोना जांच कराने का फैसला लिया गया है. वहीं, 33 फीसदी कर्मचारी को ही दफ्तर आने की अनुमति दी गयी है.

एसबीआई के पटना सर्किल में 500 कर्मी संक्रमित इधर, एसबीआई के पटना सर्किल (बिहार-झारखंड) में बीते शुक्रवार तक 500 कर्मियों को कोरोना संक्रमित पाया गया है. हालांकि, अब तक किसी के मौत की खबर नहीं है.

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार एसबीआई के बिहार और झारखंड की शाखाओं में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है. लेकिन अब तक किसी भी शाखा को बंद नहीं किया गया है. गाइडलाइंस का पालन करते हुए कामकाज चल रहा है.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से वैसे दफ्तरों में वैक्सीनशन कैम्प लगाने का का निर्देश जारी किया गया है जहां पर 100 या उससे अधिक की संख्या में स्टाफ हैं. इस संबंध में कर्मचारियों ने कहा कि केंद्र के आदेश के बावजूद बिहार सरकार की ओर से इस ओर पहल नहीं की गयी है.

लेकिन केंद्र सरकार के निर्देश का बिहार सरकार को तुरंत पालन करना चाहिए और टीकाकरण शिविर लगाना चाहिए ताकि कर्मचारी भयमुक्त होकर काम कर सकें.

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