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पन्ना की जरुआपुर उथली खदान में 3 पीस में मिले 7.52 कैरेट के हीरे

तीनों हीरों की कीमत करीब 10 लाख रुपए आंकी गई

पन्ना: मध्यप्रदेश के पन्ना की जरुआपुर उथली खदान में करीब 10 लाख रुपए की कीमत की 7.52 कैरेट के 3 पीस में हीरे मिले. जिन्हें मजदुर सुबल सरकार ने पन्ना हीरा कार्यालय में जमा करवा दिया.

दरअसल ग्राम जरुआपुर निवासी सुबल सरकार को हीरा कार्यालय से निजी क्षेत्र ग्राम जरुआपुर में हीरा उत्खनन के लिए 15 मई से 31 दिसंबर तक के लिए 8 गुणा 8 मीटर का पट्‌टा दिया गया था। सुबल सरकार को गुरुवार 6 अगस्त को खदान में 3 नग हीरे मिले। इनमें एक हीरा 4.43 कैरेट, दूसरा 2.16 कैरेट एवं तीसरा 93 सेंट वजनी है। इन तीनों हीरों का वजन 7.52 कैरेट है।

हीरा मिलने से खुश मजदूर सुबल सरकार ने बताया कि 2 माह की कड़ी मेहनत के बाद यह 3 हीरे मिले हैं। जिन्हें हीरा कार्यालय में जमा कर दिया है। उसने बताया कि इस खदान में उसके अलावा 5 अन्य साथी भी पार्टनर हैं, हीरा नीलामी में जो रकम मिलेगी उसे बराबर- बराबर बांट लेंगे। कोई अच्छा सा धंधा करेंगे।

लॉकडाउन में हुए नुकसान की भरपाई हो गई: सुबल

खेत मालिक को करेंगे 20 फीसदी भुगतान: पट्‌टाधारी सुबल सरकार ने बताया कि उसके नाम खदान की लीज मिली थी। यह लीज जरुआपुर के रंजीत के निजी खेत की मिली थी। खदान में मिले हीरों की नीलामी से जो रकम मिलेगी पहले से तय अनुबंध के मुताबिक उसका 20 फीसदी खेत मालिक रंजीत को दिया जाएगा।

इस खदान में सुबल सरकार ने जरुआ पुर के मजदूर प्रकाश मजूमदार, संजय अधिकारी को शामिल किया। इनके अलावा पन्ना के छोटे किराना दुकानदार राकेश गुप्ता, दुकानदार याकूब खान और किसान राकेश तिवारी को भी पार्टनर बना लिया था। सुबल के अनुसार नीलामी में मिली रकम का 20 फीसदी खेत मालिक को देने के बाद जो रकम बचेगी उसमें हम 6 लोग आपस में बटवारा कर लेंगे।

भुगतान होने में लग सकता है 4 माह का समय: जिला हीरा अधिकारी आरके पांडेय ने बताया कि सुबल सरकार को 3 हीरे मिले हैं। उनका कुल वजन 7.52 कैरेट है। हीरे कार्यालय में जमा कर लिए हैं। इनकी नीलामी की जाएगी, नीलामी में जो रकम मिलेगी, उन्हें प्रदान कर दी जाएगी। हालांकि इस प्रक्रिया में 3 से 4 माह का समय लग सकता है। अभी नीलामी की डेट तय होगी, करीब 2 से 3 माह बाद नीलामी होगी।

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