एक परिवार के 7 लोगों ने की ख़ुदकुशी, कर्ज में डूबा था परिवार

कांके प्रखंड के अरसंडे में हुई इस घटना से पूरा इलाका स्तब्ध है.

नई दिल्ली : 1 जुलाई को उत्तरी दिल्ली के के संत नगर इलाके में एकसाथ 11 शव मिलने का सनसनीखेज मामला अभी शांत नहीं हुआ है कि झारखंड के रांची में इसी से मिलती जुलती घटना सामने आई है. रांची में एक परिवार के सात लोगों ने सामूहिक खुदकुशी कर ली है. कांके प्रखंड के अरसंडे में हुई इस घटना से पूरा इलाका स्तब्ध है.

बताया जा रहा है कि मृतक का परिवार कर्ज में डूबा था. मृत लोगों में दो बच्चे हैं. इनमें एक बच्ची की उम्र 4-5 साल, जबकि बेटे की उम्र एक साल से कुछ ज्यादा है. फॉरेंसिक लैब की टीम को भी बुलाया गया है.

पहली नजर में यह आत्महत्या का मामला दिख रहा है. फॉरेंसिक साइंस की टीम के आने के बाद पता चलेगा कि इनकी मौत कैसे हुई. हालांकि, एक व्यक्ति का शव फांसी के फंदे से लटका मिला. जबकि बाकी लोग बिस्तर पर पड़े थे.

मकान मालिक ने बताया कि भागलपुर के रहने वाले दीपक झा और उसका परिवार कर्ज में दबा हुआ था. कई महीने से उन्होंने उनका किराया भी नहीं दिया. परिवार की मौत का खुलासा तब हुआ, जब दीपक की बेटी को स्कूल ले जाने के लिए वैन घर आई.

स्कूल वैन के चालक ने हॉर्न बजाया, तो कमरे से कोई बाहर नहीं आया. इस पर मकान मालिक के घर का बच्चा उसे बुलाने के लिए चला गया. इसके बाद बच्चे ने जो देखा, उसके बारे में आकर अपने परिवार के लोगों को बताया. खिड़की के जरिए लोगों ने देखा, तो वहां का मंजर देखकर सब सन्न रह गये. इसके बाद लोगों ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी गई.

हजारीबाग में कर्ज से परेशान परिवार ने आत्महत्या की थी

गौरतलब है कि पिछले दिनों झारखंड के हजारीबाग में ही कर्ज से परेशान एक परिवार ने सामूहिक खुदकुशी कर ली थी. परिवार में कुल छह सदस्य थे. इनमें से पांच लोगों ने फांसी के फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली, जबकि फैमिली के एक सदस्य ने छत से कूदकर जान दे दी थी. मरने वालों में माता-पिता, बेटा-बहू और पोता-पोती शामिल थे.

पुलिस को घटनास्थल से एक लिफाफा मिला था, जिसपर एक तरह से सुसाइड नोट लिखा हुआ था कि अमन को लटका नहीं सकते थे इसलिए हत्या की गई. आगे खुदकुशी को गणित के ‘सूत्र’ के तौर पर समझाते हुए लिखा गया है , ‘बीमारी+दुकान बंद+ दुकानदारों का बकाया न देना+ बदनामी+ कर्ज= तनाव → मौत.’

बुराड़ी का खौफनाक कांड

इस घटना से पहले दिल्ली के बुराड़ी में हुए खौफनाक कांड हुआ था, जिसमें एक ही परिवार के 11 लोगों ने फांसी लगाकर जान दे दी थी. 1 जुलाई को उत्तरी दिल्ली के के संत नगर इलाके में एकसाथ 11 शव मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया था.

संत नगर के गुरुगोविंद सिंह हॉस्पिटल के सामने गली नंबर 2 में एक घर में परिवार के 11 लोगों ने सामूहिक खुदकुशी कर ली थी. मरने वालों में 10 की आंखों पर पट्टी बंधी मिली और वे रेलिंग से लटके पाए गए थे, जबकि एक का शव जमीन पर मिला था.

घर के 11 में से 10 सदस्य छत में लगी लोहे की छड़ों से लटके हुए मिले थे जबकि घर की सबसे वरिष्ठ सदस्य 77 वर्षीय नारायण देवी घर के किसी अन्य कमरे में फर्श पर मृत मिलीं. पुलिस को घर से 11 डायरियां भी मिली थीं , जिनमें मनोवैज्ञानिक विचार लिखे हुए हैं और मोक्ष प्राप्त करने की विधि के बारे में लिखा हुआ है

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