70,000 लोग साफ करेंगे 1 लाख घर, शुरू हुआ अभियान

कुट्टनाद : केरल में बाढ़ के बाद अब सफाई अभियान जोरों पर है। चावल उत्पादन क्षेत्र के रूप में पहचान बनाने वाले कुट्टनाद में बाढ़ के साथ बहकर आई गाद और मलबा हटाने के लिए करीब 70,000 स्वयंसेवियों ने व्यापक सफाई अभियान में भाग लिया।

अलग-अलग इलाकों में 1 लाख घरों की होगी सफाई
राज्य के अन्य प्रभावित इलाकों में भी पुनर्वास का काम चल रहा है। समुद्र स्तर से नीचे कुट्टनाद क्षेत्र में कई इलाके अब भी डूबे हुए हैं। राज्य में मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ का पानी अब ज्यादातर हिस्सों में कम हो गया है। राज्य के वित्त मंत्री थॉमस इसाक और पीडब्ल्यूडी मंत्री जी सुधाकरन ने अभियान शुरू किया जिसमें करीब 70,000 स्वयंसेवी कुट्टनाद और अलापुझा जिले में कैनाकरी, नेदुमुदी और अन्य इलाकों में करीब एक लाख इमारतों को साफ करेंगे।

16 पंचायतों में पहुंचे लोग, पढ़े-लिखे भी हुए शामिल
कम से कम एक हजार इंजिनियर, आईटी स्वयंसेवी और सांप पकड़ने वाले भी सफाई अभियान में शामिल हुए हैं। सुधारकरन ने पत्रकारों को बताया कि स्वयंसेवी नौकाओं और बसों में सवार होकर कुट्टनाद पहुंचे और मकानों, सार्वजनिक स्थानों तथा पूजा स्थलों समेत एक लाख इमारतों को साफ करने के लिए 16 पंचायतों में फैल गए।

घरों में लौटने लगे लोग
मंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में मकान अब भी पानी में डूबे हैं इसलिए साफ-सफाई में और समय लगेगा। इसाक ने कहा कि वे प्रतिक्रियाओं से बहुत प्रसन्न हैं क्योंकि उत्तरी कन्नूर जिले से भी लोग उनके घरों को साफ करने में लोगों की मदद करने के लिए आए हैं। इस बीच, बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान तेजी से चल रहा है और कई स्थानों पर लोगों ने अपने घर लौटना शुरू कर दिया है।

बुधवार से खुलेंगे स्कूल, गुरुवार से शुरू हो सकती हैं फ्लाइट्स
ओणम की छुट्टियों के बाद स्कूल बुधवार फिर से खुल रहे हैं इसलिए ध्यान स्कूल परिसर को साफ करने पर भी होगा। राहत शिविर बने स्कूलों में रह रहे लोगों को ऑडिटोरियम और सभागारों में स्थानांतरित किया जाएगा। कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे ने बाढ़ के बाद 14 अगस्त से विमानों का परिचालन बंद कर दिया था गुरुवार से उसे भी शुरू करने की संभावना है। प्रभावित इलाकों में यातायात भी धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक इडुक्की जिले में कई क्षतिग्रस्त सड़कों की अभी मरम्मत नहीं हुई है।

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