छत्तीसगढ़

… तो तीन साल बाद मंदिर के सामने होगा होलीका दहन

खड़गघाट स्थित हनुमान मंदिर के सामने विहिप व बजरंग दल ने ठोकी ताल
प्रवीर वार्ड में प्रस्तावित आंगनबाड़ी के इलाके का मामला

–अनुराग शुक्ला

जगदलपुर. प्रवीर वार्ड में खडग़घाट स्थित बजरंग बलि मंदिर के सामने प्रस्तावित आंगन बाड़ी के निर्माण मेंं रोक लगने और प्रस्तावित स्थल के बदले जाने की बात के सामने आने के बाद शनिवार की शाम प्र्रस्तावित आंगनबाड़ी की जमीन पर मंदिर के सामने विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल ने एक बोर्ड लगाया है।

इस बोर्ड के लगने के बाद यह माना जा रहा है कि हिन्दू संगठन अब खुलकर सामने आ चुका है। इधर इस मामले को लेकर विहिप के संभागीय प्रभारी सुरेश यादव ने बताया कि मंदिर के सामने हमने विहिप और बजरंग दल का बोर्ड लगाया है। विहिप का काम ही है मंदिर और मठों की सुरक्षा। हम हनुमान मंदिर की सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। विहिन ने फैसला किया है कि आने वाले समय में जनसहयोग से इस मंंदिर का जीर्णोधार किया जाएगा। मंदिर को भव्य रूप प्रदान करने का हर संभव प्रयास जनसहयोग से किया जाएगा।

विहिप और बजरंग दल के सामने आने के बाद एक बार फिर मंदिर से जुड़े भक्तों और श्रद्धालुओं सहित अंजनी सेवा समिति के सदस्यों और पदाधिकारियों को राहत मिली है। बजरंग दल के जिला मंत्री अनिरूद्ध मिश्रा ने कहा है कि बजरंग बलि मंदिर के सामने हमने जो बोर्ड लगाया है, उसका उद्देश्य महज इतना है कि इस बोर्ड से श्रद्धालुओं और हमसे जुड़े लोगो को यह जानकारी मिले कि बजरंग बलि के मंदिर में हर शनिवार जो सत्संग करने का फैसला बजरंग दल ने किया है उसमें ज्यादा से ज्यादा लोग सहभागी बनें। उन्होंनेे यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिर के सामने जहां पर लगातार होलिका दहन किया जाता था, उसी स्थल में तीन साल के बाद अब फिर से होलीका दहन होगा और इस आयोजन को जनसहयोग से भव्य तौर पर किया जाएगा।

पार्षद अंजान ठेकेदार परेशान

प्रवीर वार्ड के पार्षद संजू बाफना भले ही वार्ड में चल रही स्थितियों सेे अवगत हैं, लेकिन वे इस बात का आज भी दावा कर रहे हैं कि उनके पास आंगनबाड़ी के प्रस्तावित कार्य को लेकर किसी तरह को सरकारी आदेश नहीं मिला है। वे कहते हैं सभी बात मौखिक तौर पर ही चल रही है। हालांकि उन्होंने इस बात पर हामी भरी है कि जिस तरह से आंगनबाड़ी को लेकर विरोध हुआ है, उनके वार्ड के लोगों के राहत के लिए आंगनबाड़ी के लिए नया स्थल चयन की प्रक्रिया को जल्द अंजाम दिया जाए।

इसी के विपरित प्रस्तावित आंगनबाड़ी के कार्य को अंजाम देने वाले दंतेवाड़ा के ठेकेदार काफी परेशान हैं। उन्होंने इस काम को सीएसआर से 8.2 फीसदी कम दर पर काम लिया था। उन्हो0ंने मौके पर मेटिरियल और गढ्ढे भी खुदवाया था। अब तक एक अनुमान के तहत करीब 25 हजार रूपए उन्होंने खर्च किया। अब सवाल यह है कि निर्माण स्थल बदलने के बाद ठेकेदार के नुकसान की भरपाई और नए आंगनबाड़ी के लिए क्या इसी ठेकेदार को काम दिया जाएगा।

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