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छत्तीसगढ़ में कल देर रात 74 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान

पिछले 24 घंटों के अंदर देश में 9971 नए मामले सामने आए

रायपुर: देश में जानलेवा कोरोना वायरस के मामले दिन पर दिन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहे हैं. पिछले 24 घंटों के अंदर देश में 9971 नए मामले सामने आए हैं, जो एक दिन में अबतक सबसे ज्यादा है. वहीं पिछले एक दिन में 287 लोगों की मौत हुई है. इसी के साथ देश में मरने वालों का आंकड़ा करीब सात हजार पहुंच गया है.

वहीँ छत्तीसगढ़ में कल देर रात्रि 74 नए कोरोना पाज़िटिव मरीज़ों की पहचान की गई, जिनकी जिलों से पुष्टि के बाद आंकड़े इस प्रकार हैं (जिला कवर्धा से 42, रायपुर से 11, दुर्ग से 6, जशपुर व बलौदाबाजार से 3-3, रायगढ़, महासमुंद,कोरबा व बिलासपुर से 2-2 व बेमेतरा से 1)।

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अबतक दो लाख 46 हजार 628 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं 6929 लोगों की मौत हो चुकी है. एक लाख 19 हजार 293 लोग ठीक भी हुए हैं.
बता दें कि देश में कोरोना वायरस मरीजों के ठीक (रिकवरी) होने की दर 48.20% है.

आईसीएमआर ने संक्रमित व्यक्तियों में कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए परीक्षण क्षमता को और बढ़ा दिया है. सरकारी प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़कर 520 हो गयी है और निजी प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़कर 222 (कुल 742) हो गयी है. अब तक जांचे गए नमूनों की कुल संख्या 45 लाख 24 हजार 317 है.

भारत में कोरोना वायरस महामारी को लेकर स्थिति अभी विस्फोटक नहीं

वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक प्रमुख विशेषज्ञ ने कहा है कि भारत में कोरोना वायरस महामारी को लेकर स्थिति अभी विस्फोटक नहीं है, लेकिन देश में मार्च में लागू लॉकडाउन हटाने की तरफ बढ़ने के साथ इस तरह का जोखिम बना हुआ है. भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या दोगुने होने का समय इस स्तर पर करीब तीन सप्ताह है. इसलिए महामारी की दिशा कई गुना बढ़ने वाली नहीं है लेकिन यह अब भी बढ़ रही है.

भारत के विभिन्न हिस्सों में महामारी का असर अलग-अलग है और शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच इसमें अंतराल है. दक्षिण एशिया में, न केवल भारत में बल्कि बांग्लादेश और पाकिस्तान में, घनी आबादी वाले दूसरे देशों में महामारी का रूप विस्फोटक नहीं हुआ है, लेकिन ऐसा होने का खतरा हमेशा बना हुआ है.

मोदी सरकार ने लॉकडाउन के कारण रोजी-रोटी और रोजगार गंवाने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है. प्लान के तहत देश के 6 राज्यों के 116 जिलों की पहचान की गई है, जहां लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर वापस लौटे हैं.

सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों के पुनर्वास और रोजगार के लिए पूरा खाका तैयार किया है. सभी 116 जिलों में केंद्र सरकार के सोशल वेलफेयर और डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम को तेजी से मिशन मोड में चलाया जाएगा.

मकसद है कि घर लौटे प्रवासियों के लिए आजीविका, रोजगार, कौशल विकास और गरीब कल्याण सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके. जनधन योजना, किसान कल्याण योजना, खाद्य सुरक्षा योजना, पीएम आवास योजना समेत अन्य केंद्रीय योजनाओं के तहत मिशन मोड में काम होगा.

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