छत्तीसगढ़राजनीति

कांग्रेस भवन में मनाई गई अंग्रेजों भारत छोड़ों आंदोलन की 77 वीं वर्षगांठ

अंग्रेजों से लड़ने वाले शहीदों को दी गई श्रद्धांजली

कांग्रेस भवन में मनाई गई अंग्रेजों भारत छोड़ों आंदोलन की 77 वीं वर्षगांठ

रायपुर : शहर जिला काँग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विकास उपाध्याय एवं समस्त काँग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ताओ द्वारा काँग्रेस भवन में अगस्त क्रांति दिवस के अंग्रेजो भारत छोड़ो आंदोलन की 77 वी वर्षगाठ मनाई गई .

अंग्रेजो भारत छोड़ो के आंदोलन में देश को आजाद कराने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी,पंडित जवाहरलाल नेहरू,लाल बहादुर शास्त्री,सरदार वल्लभ भाई पटेल,बाल गंगाधर तिलक,शाहिद भगत सिंह एवं समस्त शहीदों को याद कर श्रंद्धांजलि दी गई जिन्होंने देश की आजादी के लिए अंग्रेजो से लड़ाई लड़ते हुए देश को आजाद कराया द्वितीय विश्व युद्ध मे अंग्रेजो द्वारा समर्थन लेने के बाद भी जब अंग्रेज भारत छोड़ने को तैयार नही हुए तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अंग्रेजो भारत छोड़ो आंदोलन के रूप में आजादी की अंतिम जंग का एलान कर दिया जिससे ब्रिटिश हुकूमत में दहशत फैल गई।

शहर जिला काँग्रेस कमेटी के प्रभारी अध्यक्ष विकास उपाध्याय ने क्रांति दिवस पर विचार संगोष्ठी के आयोजन पर सभी नेताओं द्वारा विचार व्यक्त करने पर क्रांतिदिवस के अंग्रेजो भारत छोड़ो के आंदोलन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए 1942 के दिनों के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इस आंदोलन की शुरुवात 09 अगस्त 1942 को हुई थी इसलिये इतिहास में 09 अगस्त के दिन को क्रांति अगस्त के दिवस के रूप में जाना जाता है।

मुम्बई के जिस पार्क से यह आंदोलन शुरू हुआ उसे अब अगस्त क्रांति मैदान के नाम से जाना जाता है।अंग्रेजो को देश से भागने के लिए चार जुलाई 1942 को भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमे कहा गया कि अंग्रेज भारत नही छोड़ते है तो उनके खिलाफ व्यापक स्तर पर अवज्ञा आंदोलन अभियान चलाया जाएगा।

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