झोपड़ी में मिलीं 8 VVPAT मशीनें, येदियुरप्पा ने चुनाव आयोग को खत लिखा

बेंगलुरु: वीवीपैट मशीनें ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले आठ बक्से कर्नाटक के विजयपुर जिले के एक गांव में एक झोपड़ी में मिले हैं। इस पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि इससे चुनाव कराने में गंभीर अनियमितताओं का संकेत मिलता है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी लेकिन बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई। भाजपा ने कहा कि इससे ‘‘चुनाव में व्यापक अनियमितता उजागर होती हैं।’’

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने कहा कि मनागुली गांव में मिले बक्से जिला या चुनाव आयोग के नहीं हैं। कुमार ने कहा कि बक्से मशीन या कागज के बिना हैं और बिना किसी अनोखे इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग नंबर के हैं, चुनाव आयोग उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा जो भ्रम उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई वीवीपैट मशीनें नहीं मिली हैं। झोपड़ी में वीवीपैट मशीनें ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले बक्से मिलने की जानकारी के बाद जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने मौके का निरीक्षण किया।

कुमार ने कहा, ‘‘ये बक्से विजयपुर जिले के नहीं हैं और जिले को आवंटित 2744 वीवीपैट स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं।’’ सीईओ ने कहा कि मनगुली पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले में जांच चल रही है। प्रदेश भाजपा प्रमुख बी.एस. येदियुरप्पा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत को लिखे एक पत्र में कहा कि आयोग को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और इससे चुनाव में गंभीर अनियमितता उजागर होती हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने चुनाव आयोग के इस दावे के खोखलेपन को उजागर कर दिया है कि कर्नाटक में चुनाव स्वतंत्र एवं मुक्त तरीके से कराया गया।

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान, मतदान के दिन से पहले पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्त्ताओं ने ऐसी कई अनियमितताएं संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लायी लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। येदियुरप्पा ने आरोप लगाया कि बीदर और कलबुर्गी जिलों के कई विधानसभा क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों ने स्वयं प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को धनराशि और शराब मतदाताओं में बांटने में मदद की। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके नेताओं की सभी शिकायतों का अधिकारियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

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