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कर्नाटक से भटककर बस्तर पहुंची 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला, जल्द होगी घर वापसी

अभी वृद्धा धरमपुरा स्थित वृद्धाश्रम आस्था निकुंज में रह रही

नई दिल्ली: कलेक्टर एवं जिला रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष रजत बंसल की पहल पर कर्नाटक से भटककर बस्तर पहुंची 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को उसके घर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। अभी वृद्धा धरमपुरा स्थित वृद्धाश्रम आस्था निकुंज में रह रही हैं। उनके स्वजनों का पता लगाया जा चुका है।

जानकारी के अनुसार एक साल पहले वृद्धा अपने घर से निकल गई थीं। लाकडाउन शुरू होने के कुछ दिन पहले जगदलपुर से 20 किमी दूर तोकापाल में वृद्धा भटकते मिली थीं। बात आठ माह से आस्था निकुंज में रह रही वृद्धा केवल कन्नड़ भाषा में बात करती हैं। जब वह यहां लाई गई तब घर का पता-ठिकाना भी ठीक से नहीं बता पा रही थीं।

जिला रेडक्रास सोसायटी की पिछले दिनों कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी वृद्धा को सकुशल घर पहुंचाने का निर्णय लिया गया था। सोसायटी के उपाध्यक्ष अलेक्जेंडर चेरियन ने कन्नड़ में वृद्धा से बात कर पता लगाया कि वह बेंगलुरु की रहने वाली हैं और भटककर यहां पहुंची हैं। उनके सामान की तलाशी लेने पर एक कागज का टुकड़ा मिला जिसमें आधा मिटा हुआ नंबर लिखा था।

फोन कंपनी से संपर्क कर नंबर की सही जानकारी प्राप्त करने के बाद वृद्धा के परिजनों से चर्चा की गई। वीडियो काल करके वृद्धा को उसके पोते के सेंदिल को दिखाया गया और बात भी कराई गई। अलेक्जेंडर चेरियन से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि वृद्धा का परिवार काफी गरीब है। उसका पोता के सेंदिल बेंगलुरु में कुली का काम करता है।

सेंदिल ने बताया कि वृद्धा उसकी नानी हैं। वह उन्हें घर वापस लाना चाहता है लेकिन गरीबी के कारण परेशान है। उसने अपनी नानी को बेंगलुरु पहुंचाने का आग्रह किया है। चेरियन ने बताया कि सारी बातों की जानकारी जिला रेडक्रास सोसायटी के अध्यक्ष को देने पर उन्होंने वृद्धा की घर वापसी का प्रबंध करने का निर्देश दिया है।

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