सरकारी अस्पताल में मीजल्स टीका लगाने के बाद 9 महीने की मासूम की मौत

महासमुंद.

छत्तीसगढ़ में मीजल्स टीका लगने के बाद एक बच्ची की तबीयत खराब हो गई है। बच्ची का एक हाथ काम नहीं कर रहा है। बच्ची के पिता ने बीएमओ से शिकायत करते हुए टीकाकरण में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस मामले में ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य कार्यकर्ता के खिलाफ नोटिस जारी कर मामले की जांच करने की बात कही है।

पिता रविशंकर पाढ़ी ने बताया कि उनकी एक वर्ष की पुत्री आभा पाढ़ी को 29 मई 2018 को साढ़े नौ माह पूरा होने पर मीजल्स का टीका ब्लॉक के शासकीय अस्पताल में लगाया। टीका लगने के बाद उनकी बेटी के हाथ में सूजन आ गया और मवाद भर गया। इसके कारण वह बीमार और कोमा में चली गई थी। उपचार के लिए गंभीर अवस्था में रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 10 दिनों तक वेंटीलेटर में रखने के बाद स्थिति में सुधार आने पर टीका लगे स्थान का सर्जन ने ऑपरेशन कर मवाद निकाला।

करीब 22 दिनों तक उपचार के बाद छुट्टी दी गई है। पाढ़ी ने बताया कि उसका इलाज अभी जारी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने वहां की नर्स को प्रशिक्षित कर्मचारी से टीका लगाने के लिए आग्रह भी किया था।लेकिन नर्स ने एक न सुनी। आखिरकार उसने अप्रशिक्षित कर्मचारी से उनकी पुत्री को टीका लगवा दिया। अब तक उनकी बच्ची के इलाज में करीब 2 लाख रुपए खर्च हो चुका है। कर्ज लेकर उन्होंने इलाज कराया है। आगे बच्ची का इलाज कराने में असमर्थ है । उन्होंने कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई, बच्ची का उचित उपचार एवं आर्थिक नुकसान की भरपाई की मांग की है।

टीकाकरण के लिए विभाग गंभीर नहीं

स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार टीकाकरण में लापरवाही बरतने के कई मामले सामने आ चुके हैं। टीकाकरण को लेकर विभाग गंभीर नहीं है। अप्रशिक्षित कर्मचारियों से टीकाकरण का कार्य कराया जा रहा है। टीकाकरण जैसी अभियान को स्वास्थ्य विभाग प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के सहारे पूरा करने का सपना देख रहा है।

वर्तमान में विभाग के अधिकारी मीजल्स-रूबरेला टीकाकरण अभियान के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों से टीकाकरण करवाए जाने का दावा कर रहे हैं, लेकिन विभाग में कर्मचारी नहीं हैं। अब ऐसे में मीजल्स-रूबरेला टीकाकरण का कार्य कैसे सफल होगा, यह बड़ा सवाल है।

मामले की जांच होगी

पिथौरा की बीएमओ डॉ. तारा अग्रवाल ने बताया कि पीडि़त बच्ची के पिता ने इसकी शिकायत की है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता के खिलाफ नोटिस जारी कर मामले की जांच की जाएगी।

Back to top button