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दिल्ली मेट्रो में 94 प्रतिशत महिलाएं पॉकेटमार की वारदात को देती है अंजाम

दिल्ली मेट्रो में 2017 में पॉकेटमारी के 1,392 मामले दर्ज हुए थे

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो में पॉकेटमार की वारदाते होती रहती है। यह एक आम बात की तरह हो गई है। आपको यह जानकार हैरानी होगी कि मेट्रो मे 94 प्रतिशत महिलाएं पॉकेटमार में शामिल होती है।

दिल्ली मेट्रो में 2017 में पॉकेटमारी के 1,392 मामले दर्ज हुए थे। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने इस संख्या को कम करने के लिए काफी कदम उठाए हैं। विशेष अभियान चलाकर इस संख्या को 2018 में 497 तक ले आया है।

2017 के आंकड़े ने सीआईएसएफ को परेशान कर दिया था जिसके कंधों पर मेट्रो की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। अधिकारियों ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और सीसीटीवी कैमरों की मदद से संदिग्धों की पहचान करना शुरू कर दिया था और उन्हें परिसर में घुसने से मना कर दिया जाता था।

सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार 236 मेट्रो स्टेशन पर ज्यादा कर्मचारियों को तैनात किया गया और अतिरिक्त जवानों (महिला और पुरुष दोनों) को असुरक्षित स्थानों पर लगाया गया ताकि वह पॉकेटमारों को रंगे हाथ पकड़ा जा सके।

एक अधिकारी ने कहा पॉकेटमारी करने वाली महिलाएं अमूमन बच्चा लेकर चलती हैं या फिर समूह में चलती हैं। भीड़ का फायदा उठाकर एक महिला किसी बैग की चेन खोलती है।

सही मौका मिलने पर दूसरी महिला कीमती सामान को निकाल लेती है और उसे समूह के दूसरे सदस्य को पास कर देती है। ऐसे में यदि किसी पीड़ित को समूह की किसी महिला पर शक होता है तो उसके पास से कुछ नहीं मिलता है।

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