राष्ट्रीय

बुराड़ी के घर में रहने आया एक डॉक्टर परिवार, बोले- मैं अंधविश्वासी नहीं हूं

घर में बने लोहे के जाली से लटके मिले थे 10 लोगों के लाश

नई दिल्ली: राजधानी के बुराड़ी इलाके में 1 जुलाई, 2018 को घटी एक परिवार के 11 सदस्यों की आत्महत्या करने की खबर पर लोगों को अभी तक विश्वास नहीं हो पा रहा कि अब उसी घर में रहने के लिए एक डॉक्टर परिवार आ गया है.

बता दें इस सामूहिक आत्महत्या में बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे. 10 लोगों के लाश घर में बने लोहे के जाली से लटके मिले थे और एक लाश बिस्तर पर मिला था. अंधविश्वास के चलते इस परिवार ने इस घटना को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई थी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी आत्महत्या की पुष्टि हुई थी. इस घटना के बाद से इस घर को लेकर तरह-तरह की अफवाहे उड़ने लगीं. कोई उसे भुतहा घर (Haunted house)का नाम दे रहा था तो कुछ पड़ोसियों ने घर से अजीबोगरीब आवाजें सुनने की बात कर रहा था.

लोगो में यह धारणा बन गया था कि अब कोई भी उस घर में रहने को तैयार नहीं है. पर इस मिथ्था को तोडते हुए करीब डेढ़ साल बाद अब इस घर में डॉ मोहन सिंह एवं उसका परिवार इस घर में रहने के लिए आया है.

वहीं इस घर में रहने वाले डॉ मोहन सिंह कहते हैं, “मुझे इससे कोई परेशानी नहीं है, यह घर मेरे लिए सुविधाजनक है क्योंकि यह सड़क के किनारे है. मैं अंधविश्वासी नहीं हूं.

Tags
Back to top button