2700 रुपये का खाना खाकर कर्मचारियों के लिए छोड़े भारी-भरकम टिप, जाने वजह

ग्राहक से इतनी बड़ी टिप मिलने के बाद रेस्टोरेंट के कर्मचारों में खुशी का माहौल

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के दौरान हुए लॉकडाउन ने कई इंडस्ट्री को बुरी तरह प्रभावित किया, उसमें से होटल एंड रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को काफी नुकसान हुआ. लॉकडाउन खुलने के साथ ही रेस्टोरेंट फिर से खुलने लगे हैं, लेकिन अभी भी यहां की आर्थिक व्यवस्थाओं को बहुत अधिक गति नहीं मिली है.

ऐसे में न्यू हैम्पशायर में एक शख्स ने एक रेस्टोरेंट में करीब 2700 रुपये का खाना खाया, लेकिन लेकिन वहां के कर्मचारियों के लिए 11 लाख रुपये से भी ऊपर की भारी-भरकम टिप छोड़कर चला गया. ग्राहक से इतनी बड़ी टिप मिलने के बाद रेस्टोरेंट के कर्मचारों में खुशी का माहौल है.

न्यू हैम्पशायर के लंदनडेरी में रेस्तरां के मालिक स्टंबल इन बार एंड ग्रिल ने सोमवार को फेसबुक पर बिल की एक तस्वीर शेयर की. रेस्टोरेंट मालिक माइकल जारेला के इस पोस्ट के बाद लोग ग्राहक की उदरता की खूब तारीफ कर रहे हैं.

वहीं रेस्टोरेंट मालिक ने इस पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा है कि ‘स्टम्बल इन में एक बहुत उदार ग्राहक आया था, हम आपकी उदारता के लिए धन्यवाद करते हैं.’

रेस्टोरेंट मालिक ने जो बिल की फोटो शेयर की है उससे पता चलता है कि रेस्टोरेंट आए शख्स ने 2700 रुपये के खाने के बदले 16 हजार डॉलर यानि करीब 11 लाख रुपये से ज्यादा की टिप छोड़ी है.

रेस्टोरेंट मालिक ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार 12 जून को ये बिल देखा, तो उन्हें लगा कि ये गलती से हुआ है. उन्हें यकीन नहीं हो रहा था. जिस ग्राहक द्वारा ये टिप दी गई, वो अक्सर उनके रेस्टोरेंट में आता था.

वहीं 12 जून के बाद वह ग्राहक कई बार रेस्टोरेंट आया. इस दौरान रेस्टोरेंट मालिक ने इस ग्राहक से बात की, तो उन्हें पता चला, कि ये गलती से नहीं हुआ था, बल्कि ग्राहक रेस्टोरेंट कर्मचारियों को ये टिप देना चाहता था.

जारेला ने बताया कि बाद में उन्होंने टिप का पैसा आठ बार टेंडरों के बीच विभाजित करते दिए बांट दिया. वहीं फेसबुक पर जरेला की पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कई यूजर्स ने टिप देने वाले शख्स की तारीफ की है.

एक यूजर ने लिखा है कि ‘ये इस बात का सबूत है कि अच्छे लोग हैं. वहीं दूसरे यूजर ने कहा ‘इस मामले में सरल शालीनता से कहीं ज्यादा और सही मायने में अपने समुदाय की मदद के लिए कदम बढ़ाना अच्छी बात है.’

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