छत्तीसगढ़

राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का हुआ काफी विस्तार : डॉ. रमन सिंह

रायपुर: मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि राज्य में विगत चौदह वर्षाें में स्वास्थ्य सुविधाओं का काफी विकास और विस्तार हुआ है। कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की गई है। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग का बजट लगभग 450 करोड़ रूपए से दस गुना बढ़कर करीब साढ़े चार हजार रूपए तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा – छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जो अपने प्रदेश के सभी परिवारों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत हर साल 50 हजार रूपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा दे रहा है।

पहले यह राशि 30 हजार रूपए थी, जिसे चालू माह अक्टूबर से बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दिया गया है। यह यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम है। इसमें आमदनी का कोई बंधन नहीं है। मुख्यमंत्री बीती रात यहां एक प्राइवेट टेलीविजन चैनल ‘ई.टीव्ही’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों और चिकित्सकों को सम्बोधित कर रहे थे। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री अजय चन्द्राकर भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
डॉ. रमन सिंह ने कहा – मुख्यमंत्री स्वास्थ्य फेलोशिप योजना के तहत देश के बड़े शहरों से छत्तीसगढ़ सरकार ने कई विशेषज्ञ डॉक्टरों का चयन किया है और सुदूरवर्ती आदिवासी बहुल सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर के सरकारी जिला अस्पतालों में उनकी पोस्टिंग की है। ये डॉक्टर महानगरों की चकाचौंध से दूर रहकर सेवाभावना के साथ बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। राज्य निर्माण के पहले जहां, छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था और वहां केवल 100 एम.बी.बी.एस. डॉक्टर तैयार होते थे वहीं एम्स को मिलाकर आज उनकी संख्या दस हो गई है। इन मेडिकल कॉलेजों से हर साल लगभग 650 युवा एम.बी.बी.एस. डॉक्टर बनकर निकल रहे हैं। नर्सिंग कॉलेजों की संख्या भी बढ़ी है और वहां से हर साल करीब साढ़े तीन हजार प्रशिक्षित नर्स तैयार हो रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी रायपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अम्बेडकर अस्पताल में भारत का चौथे नम्बर का अत्याधुनिक कैंसर अनुसंधान और चिकित्सा संस्थान भी काम कर रहा है, जहां प्रतिदिन लगभग 700 लोगों का निःशुल्क इलाज होता है। डॉ. सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा योजना के तहत अब तक लगभग 6000 बच्चों के हृदय के ऑपरेशन निःशुल्क किए गए हैं और उन्हें नया जीवन मिला है। डॉ. सिंह ने कहा – राज्य निर्माण के पहले छत्तीसगढ़ में हृदय रोग के ऑपरेशन की सुविधा नहीं थी।

जरूरतमंद लोगों को दिल्ली या हैदराबाद जाना पड़ता था और गरीब परिवार तो वहां जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाता था, लेकिन राज्य सरकार के प्रयासों से अब हमारे यहां रायपुर, बिलासपुर, कोरबा आदि बड़े शहरों में हृदय रोग के उपचार के लिए सात-आठ अच्छे अस्पताल संचालित होने लगे हैं, जहां हृदय के बायपास ऑपरेशन की भी सुविधाएं हैं। अन्य जटिल बीमारियों के ऑपरेशन भी वहां हो रहे हैं। राज्य सरकार संजीवनी कोष योजना के तहत गरीबों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए हर संभव आर्थिक सहायता दे रही है। छत्तीसगढ़ में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का इतना विस्तार हुआ है कि राज्य के लोगों को कई बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए अन्य प्रदेशों में जाने की जरूरत नहीं है। यहां तक कि अब हमारे पड़ोसी राज्य ओड़िशा, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से भी मरीज इलाज के लिए छत्तीसगढ़ आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने नया रायपुर में संचालित सत्य सांई अस्पताल का भी जिक्र किया, जहां हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा – यह एक ऐसा सेवाभावी अस्पताल है, जहां कोई कैश काउंटर नहीं हैं। डॉ. रमन सिंह ने कहा – मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत गरीबों को सिर्फ एक रूपए किलो मे दिए जा रहे चावल, केवल पांच रूपए किलो में चना और निःशुल्क नमक वितरण से राज्य में कुपोषण को कम करने में भी मदद मिली है। शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर में भी कमी आयी है। उन्होंने कहा – सरकारी अस्पतालों में दी जा रही अच्छी सुविधाओं के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में संस्थागत प्रसव की संख्या 19 प्रतिशत से बढ़कर 72 प्रतिशत से भी कुछ अधिक हो गई है।
डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में इस मिशन को जिस तरह उत्साहजनक सफलता मिल रही है, उसे देखते हुए मुझे आशा है कि राज्य को अप्रैल 2018 तक खुले में शौचमुक्त हो जाएगा। अब तक करीब 18000 हजार गांव खुले में शौचमुक्त होने का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा – स्वच्छ भारत मिशन को राज्य के गांवों में महिलाओं का भरपूर सहयोग और समर्थन मिल रहा है। राजनांदगांव जिले के सुदूरवर्ती मानपुर, मोहला जैसे ग्रामीण विकासखंड रायपुर शहर की तुलना में पहले खुले में शौचमुक्त (ओ.डी.एफ.) हो चुके हैं। उन्होंने कहा – यह हमारी माताओं, बहनों और बहु-बेटियों के आत्म सम्मान से जुड़ा मिशन है। कोई भी परिवार यह नहीं चाहेगा कि उसके घर की महिलाएं घर में शौचालय नहीं होने के कारण खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हों और उन्हें इसके लिए रात होने का इंतजार करना पड़े। यही वजह है कि आज छत्तीसगढ़ के गांवों में महिलाएं बड़ी संख्या में स्वप्रेरणा से स्वच्छ भारत मिशन में भागीदार बन रही है।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में समाजसेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में सराहनीय योगदान देने वाले संगठनों, नागरिकों और डॉक्टरों को आयोजकों की ओर से सम्मानित किया। डॉ. सिंह के हाथों सम्मानित संस्थाओं में सत्य सांई अस्पताल नया रायपुर, समाज सेवी संस्था बढ़ते कदम (रायपुर), कोंपलवाणी (रायपुर) और वंदे मातरम (धमतरी) भी शामिल हैं। नया रायपुर के सत्य सांई अस्पताल को हृदय रोग पीड़ित बच्चों के निःशुल्क ऑपरेशनों के लिए और बढ़ते कदम संस्था को रक्तदान, शव वाहन सेवा आदि के लिए सम्मानित किया गया। मूक-बधिर बच्चों की शिक्षा और उनके कौशल प्रशिक्षण के लिए कोंपलवाणी संस्था का सम्मान हुआ, वहीं धमतरी की संस्था ‘वंदे मातरम’ को रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया।

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