नया विक्रमी सम्वत्, मार्केट में होगा बदलाव

नया विक्रमी सम्वत् जो 18 मार्च से शुरू हो गया है, समस्त जिन्सों जिनमें तिलहन, कॉटन, मैटल्ज, अनाज, शेयर इत्यादि भी शामिल हैं

आने वाले सप्ताह में (21 से 27 मार्च तक) के दौरान दो सितारों —बुध तथा शुक्र की पोजीशन में तीन बदलाव होते हैं —यानी कि बुध वक्री होता है तथा पश्चिम में अस्त होता है, जबकि सप्ताह के आखिरी हिस्से में शुक्र अपना राशि परिवर्तन करके मीन राशि पर से निकल कर मेष राशि पर प्रवेश करता है। शुक्र के राशि परिवर्तन के कारण टूटते-बनते ग्रह योग का असर आलोच्य सप्ताह के आखिरी हिस्से में पड़ने की आशा है, इसलिए बाजार पर नजर रखना ठीक रहेगा।

नया विक्रमी सम्वत् जो 18 मार्च से शुरू हो गया है, समस्त जिन्सों जिनमें तिलहन, कॉटन, मैटल्ज, अनाज, शेयर इत्यादि भी शामिल हैं, के व्यापारियों को रेटों के ऊंचे उठने तथा नीचे गिरने के कई मौके दिखाएगा, इसलिए जरूरी है कि वे काम बे-ध्यानी से न करें तथा इस साप्ताहिक कालम के साथ जुड़े रहें।

आलोच्य सप्ताह में उठा-पटक तो होती रहेगी, किंतु 15 मार्च से चले रुख में कुछ दिन किसी बदलाव की आशा नहीं, मगर 26 मार्च की अनदेखी न करें। इस सप्ताह में 23, 26, 27 मार्च खास दिन। 23 तथा 26 मार्च के लिए किसी अच्छे समय पर लगे एकतरफे फायदा दे सकते हैं।

तेल सोया, तेल मूंगफली, सरसों, अलसी, तोरिया, तिल, तेल, बिनौला, अरंडी, खल, सींगदाना, मेंथा, पिपरामैंट, अन्य तेल पदार्थों, वनस्पति, सोना, चांदी, हीरे, जवाहरात, बहुमूल्य पत्थरों, बहुमूल्य धातुओं में पिछले सप्ताह यदि तेजी चली होगी तो फिर इस सप्ताह में तेजी चलेगी। बीच में 23 मार्च को मंदा, 26 मार्च को तेजी के बीच मंदी के झटका की आशा।

फिर 26 तारीख को बाद दोपहर साढ़े तीन-पौने चार बजे के करीब रेट झटका के साथ एक बार फिर चलेंगे। कॉटन, पटसन, रूई, कपास, सन्न, सूत, सिल्क, स्टैपल, ऊनी, सूती, रेशमी कपड़े के भाव में उठा-पटक बनी रहेगी —23 तथा 26 तारीखें खास समझें।

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