क्यूबा के इतिहास में नया परिवर्तन,59 सालों बाद कास्त्रो परिवार ने देश की सत्ता को कहां अलविदा

मिगेल डियाज-केनेल नए राष्ट्रपति के तौर पर गुरुवार को ली शपथ

हवाना। क्यूबा में 59 सालों के इतिहास में नया परिर्वतन हुआ। देश की सत्ता से कास्त्रो परिवार ने अलविदा कह दिया है। राउल कास्त्रों के करीबी मिगेल डियाज-केनेल नए राष्ट्रपति के तौर पर गुरुवार को देश के राष्ट्रपति की शपथ ली है। अब से इस परिवार का एक भी शख्य सत्ता पर काबिज नहीं होगा।



शपथ के दौरान देश के राष्ट्रपति ने अपने भाषण में कहा कि उन लोगों के लिए बिल्कुल भी जगह नहीं है जो पूंजीवाद (कैपिटलिज्म) का दौर देखना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके आने के बाद भी क्यूबा की विदेश नीति में कोई बदलाव नहीं आएगा। अगर कोई बदलाव आएगा तो सिर्फ क्यूबा के लोगों की मर्जी से ही आएगा। अपने चुनाव को ऐतिहासिक बताते हुए मिगेल ने कहा कि लोगों ने इस सदन को वोट देकर क्यूबा की क्रांति को बनाए रखा है।

क्यूबा में 59 सालों के बाद कास्त्रो परिवार ने देश की सत्ता छोड़ दी। । उन्हें ये पद राउल कास्त्रो के इस्तीफे के बाद मिला है। 1959 के बाद से ये पहली बार है जब राष्ट्रपति पद पर कोई कास्त्रो परिवार का शख्स नहीं होगा। मिगेल इससे पहले 5 साल तक क्यूबा के पहले उप-राष्ट्रपति पद पर रह चुके हैं। बता दें कि राउल कास्त्रो 2006 से (12 साल) इस पद पर रहे। इस्तीफा देने के बाद भी वे सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख बने रहेंगे।

बता दें कि क्यूबा क्रांति के बाद से ही कास्त्रो भाई अमेरिका और पश्चिमी देशों की पूंजीवादी संस्कृति के विरोधी रहे। 1959 के बाद से ही क्यूबा-अमेरिका से किसी तरह के संबंध नहीं रहे थे। हालांकि, 2014 में पहली बार अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा और क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो ने ऐतिहासिक फैसला करते हुए दोनों देशों राजनायिक संबंधों को बहाल करने पर फैसला किया था। वहीं, 2016 में ओबामा क्यूबा के हवाना में राउल से मिलने पहुंचे थे। 6 दशक के इतिहास में ये पहली बार था कि कोई अमेरिकी राष्ट्रपति क्यूबा गया हो। माना जाता है कि राउल कास्त्रो क्यूबा पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म करने के लिए अमेरिका से मदद चाहते थे।

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