छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री से देश को मिली विकास की एक नई कार्य संस्कृति : डॉ. रमन सिंह

रायपुर : मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विगत साढ़े तीन वर्ष में देश को विकास की एक नई कार्य संस्कृति मिली है। मोदी ने देशवासियों को और विशेष रूप से गरीब परिवारों को अनेक ऐसी योजनाएं दी हैं, जो अपने आप में अनूठी हैं। मुख्यमंत्री आज जिला मुख्यालय कोरबा में आयोजित बोनस तिहार में हजारों की संख्या में आए किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों की विशाल आमसभा को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नीतिगत फैसलों से देश के सभी राज्यों को विकास के लिए भरपूर राशि मिलने लगी है। डॉ. सिंह ने हर जिले में गठित जिला खनिज न्यास निधि का उदाहरण दिया और कहा कि इस निधि से अकेले कोरबा जिले को 500 करोड़ रूपए की धनराशि विकास कार्या के लिए अलग से मिल रही है। इससे जिले के गांवों की तस्वीर बदलेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विकास होगा।
डॉ. सिंह ने कहा – गरीब परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से करोड़ों महिलाओं को लकड़ी और कोयले के चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा – प्रधानमंत्री की अनोखी कार्य-संस्कृति से देश और दुनिया में भारत का गौरव बढ़ा है। मोदी आज दुनिया के सर्वाधिक लोक प्रिय प्रधानमंत्री हैं। डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ के 13 लाख से ज्यादा किसानों को दिए जा रहे 2100 करोड़ रूपए के धान का उल्लेख करते हुए इसका श्रेय भी प्रधानमंत्री मोदी को दिया और कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री ने हमे तत्काल किसानों के लिए दीपावली से पहले बोनस वितरण के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने आमसभा में इसके लिए जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री आज कोरबा के साथ ही जिला मुख्यालय जांजगीर में बोनस तिहार में शामिल हुए। दोनों कार्यक्रमों में किसानों की ओर से मुख्यमंत्री का भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया।
डॉ. रमन सिंह ने दोनों जिला मुख्यालयों में एक लाख 43 हजार से ज्यादा किसानों को 244 करोड़ रूपए का धान का बोनस ऑन लाइन वितरित किया और प्रतीक स्वरूप कई किसानों को बोनस प्रमाण पत्र भी दिए। डॉ. रमन सिंह ने कोरबा जिले के 17 हजार किसानों को 31 करोड़ 55 लाख रूपए और जांजगीर जिले के एक लाख 26 हजार किसानों को 211 करोड़ रूपए का बोनस दिया। मुख्यमंत्री ने दोनों जिला मुख्यालयों में 874 करोड़ रूपए के 271 निर्माण कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इनमें जिला मुख्यालय कोरबा में बनने वाले 500 सीटों के अनुसूचित जनजाति छात्रावास भवन का निर्माण भी शामिल है, जिस पर 14 करोड़ 57 लाख रूपए की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने इसका भूमि पूजन किया। उन्होंने इसे मिलाकर कोरबा जिले के लिए 380 करोड़ रूपए के पूर्ण हो चुके 158 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 350 करोड़ रूपए के 78 नये स्वीकृत निर्माण कार्याें का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इस प्रकार उन्होंने कोरबा जिले की जनता को आज एक ही दिन में लगभग 730 करोड़ रूपए के 236 निर्माण कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री के हाथों जांजगीर में आयोजित बोनस तिहार में भी एक ही दिन में जिले को 144 करोड़ 49 लाख रूपए के 35 निर्माण कार्यों की सौगात मिली। इनमें से उन्होंने 66 करोड़ 12 लाख रूपए के 25 नये निर्माण कार्यांें का भूमिपूजन और शिलान्यास तथा 78 करोड़ 37 लाख रूपए के 10 निर्माण का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने बोनस तिहार की विशाल आम सभाओं में कहा – छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों के द्वारा बनायी गई सरकार है। इसलिए किसान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने किसानों से कहा कि सूखे की प्राकृतिक आपदा में उन्हें चिंतित होने की जरूरत नहीं है। सरकार उनके साथ है। सूखा प्रभावित तहसीलों के किसानों को जहां राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के प्रावधानों के अनुसार राहत राशि दी जाएगी, वहीं फसल बीमा योजना का भी लाभ मिलेगा और धान का बोनस तो उनको दिया ही जा रहा है। राज्य के इतिहास में पहली बार विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर 2100 करोड़ रूपए के बोनस के लिए अनुपूरक बजट पारित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा- इस बार प्रदेश के 13 लाख 50 हजार किसानों को वर्ष 2016 के धान के लिए प्रति क्विंटल 300 रूपए की दर से 2100 करोड़ रूपए का बोनस मिल रहा है। प्रदेश के किसान बोनस तिहार की खुशहाली मना रहे हैं। अगले साल भी उनको धान का बोनस मिलेगा। डॉ. रमन सिंह ने कोरबा जिले की आम सभा में कहा कि इस जिले में दंतेवाड़ा की तर्ज पर विशाल एजुकेशन हब का भी निर्माण किया जा रहा है, जहां लगभग चार हजार बच्चों के लिए शिक्षा की बेहतर व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबों के लिए एक रूपए किलो चावल, पांच रूपए किलो चना और मुफ्त आयोडीन नमक देने के लिए मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना संचालित की जा रही है। राज्य को कुपोषण से मुक्त करने की दिशा में इस योजना का भारी योगदान है। हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर हुए सर्वेक्षण में यह बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में कुपोषण की दर में भारी कमी आयी है। शिशु मातृ दर और मातृ दर भी लगातार कम हो रही है। उन्होंने कहा – प्रदेश सरकार ने गरीब-अमीर का भेदभाव किए बिना लगभग 60 लाख परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा योजना में शामिल किया है और उनके लिए स्मार्ट कार्ड पर सालाना निःशुल्क इलाज की राशि 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दी गई है। गरीबों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों और समाज के सभी वर्गो को इस योजना का लाभ मिलेगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को पहले केवल 350 रूपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक मिलते था, आज उन्हें 1800 रूपए की दर से पारिश्रमिक दिया जा रहा है।
डॉ. रमन सिंह ने कोरबा की आम सभा में वहां के कोयला खदान क्षेत्रों के भू-विस्थापितों के विस्थापन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके लिए पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। इस संबंध में राज्य सरकार ने जिला प्रशासन और एस.ई.सी.एल. प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। कोरबा जिले के बोनस तिहार में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री अमर अग्रवाल, लोकसभा सांसद बंशीलाल महतो, संसदीय सचिव लखन लाल साहू, पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष बनवारी लाल अग्रवाल और विभिन्न संस्थाओं के वरिष्ठ पदाधिकारी तथा अन्य अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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