शराब के नशे में एक व्यक्ति ने नौ महीने के अपने बेटे को गली में पटक कर मार डाला

बच्चे के शव का रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम करवाया गया

जींद: नरवाना के स्थानीय इंदिरा कॉलोनी में मंगलवार देर रात शराबी पिता ने अपने नौ माह के बेटे को गली में पटक दिया। जिससे बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के शव का रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम करवाया गया। शहर पुलिस ने बच्चे की मां की शिकायत पर व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है.

घर आकर अक्सर लड़ाई करता था. शिकायत में महिला ने कहा है कि उसका पति राकेश मंगलवार रात जबरदस्ती बच्चे को लेकर अपनी मां के घर इंदिरा कॉलोनी चला गया . वहां शराब के नशे में उसने अपने बच्चे को गली में पटक दिया. इससे नौ महीने के अक्षय की मौके पर ही मौत हो गई.

वैज्ञानिकों ने खोजी अनोखी दवा, शराब की लत और अवसाद में मिल सकती है मदद

वैज्ञानिकों ने कहा है कि उन्होंने एक ऐसी अनोखी दवा विकसित की है, जिससे अल्कोहल पीने की मात्रा में कमी लाकर शराब की लत छुड़ाई जा सकती है और अवसाद में भी कमी लाई जा सकती है. अध्ययन के मुताबिक, 2000 के दशक में शराब की लत में काफी बढ़ोतरी हुई. एक अध्ययन में हर आठ व्यक्ति में एक में शराब की लत पाई गई.

वैज्ञानिकों ने कहा कि अवसाद से दुनिया में 14 करोड़ लोग प्रभावित हैं और वे शराब के इस्तेमाल से पैदा हुए रोगों से जूझ रहे हैं. हालांकि, कुछ ही दवाओं को ऐसे रोगों के इलाज के लिए मंजूरी मिली है. इन दवाओं का उद्देश्य शराब पीने की इच्छा में कमी लाना है. लेकिन ये मनोवैज्ञानिक रोगों का इलाज नहीं करते हैं.

अध्ययन में जी प्रोटीन युक्त ‘रिसेप्टर’ पर जोर दिया गया है. इसे डेल्टा ओपिऑयड रिसेप्टर भी कहा जाता है. यह ऐसी अनोखी दवा है, जिससे शराब पीने की इच्छा में कमी लाई जा सकती है. परड्यू यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर रिचर्ड वैन रिज्न ने कहा, ‘‘हम असर पैदा करने के लिए इस दवा का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे ‘साइट इफेक्ट’ से भी बचा जा सकता है.

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