किन्नर समाज से जुड़ी एक अजीबोगरीब प्रथा, जिससे आप नहीं होगे वाकिफ

किन्नर लोगों की शादी सिर्फ एक रात के लिए होती है, शादी के 24 घंटे बाद दुल्हन विधवा भी हो जाती है

हर लड़की अपनी शादी के सपने बुनती है। उसके आंखों में शादी को लेकर कई तरह के ख्वाब होते हैं। लेकिन एक शादी ऐसे भी है इसमें दुल्हन बनती है शादी होती हैं पर 24
घंटे में दुल्हन लाल जोड़े से सफेद साड़ी को पहन लेती है। आप सोच रहे होंगे ऐसा कैसे होता है।

आज हम आपको एक ऐसी ही जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां विवाह होने के पूरे 24 घंटे के बाद दुल्हन सुहागिन नहीं बल्कि विधवा हो जाती है। तो आइए जानते हैं क्या इस जगह का रहस्य जहां शादी के बाद दुल्हन की मांग ऊज़ड़ जाती है।

किन्नर हमारे समाज का ही एक हिस्सा है। इनके बारे में लगभग सभी लोग जानते ही हैं कि ये न तो पूरे पुरुष होते हैं औन न ही स्त्री। इनके बारे में कहा जाचा है कि ये लोग विवाह करने के बाद भी अविवाहित रहते हैं।

हम जानते हैं आपको ये जानकर थोड़ी सी हैरानी होगी लेकिन ये सच है किन्नर लोगों की शादी सिर्फ एक रात के लिए होती है, शादी के 24 घंटे बाद दुल्हन विधवा भी हो जाती है।

इस समाज की मान्यताओं के अनुसार किसी नए सदस्य को शामिल करने के कुछ विशेष नियम होते हैं। कहते हैं जब किन्नरों के समूह में किसी नए सदस्य को शामिल किया जाता है

तो उससे पहले नाच-गाना और सामूहिक भोजन का आयोजन होता है। इसके साथ ही आम लोगों की तरह किन्नर समाज भी वैवाहिक बंधनों में बंधते हैं। लेकिन इनके विवाह की सबसे खास बात ये है कि ये शादी तो करते हैं लेकिन अपने आराध्य देव भगवान अरावन से।

विवाह के दौरान दुल्हन सोलह प्रकार के श्रंगार भी करती हैं, अन्य किन्नर सहयोगी दुल्हन बनी किन्नर की सिंदूर से मांग भरता है और बाकी के किन्नर लोग विवाह में मंगल गीत गाते हैं ।

इसकी सबसे दिलचस्प बात तो ये है कि इनकी शादी सिर्फ एक दिन के लिए होती है और शादी के अगले ही 24 घंटे बाद दुल्हा यानि की अरावन देवता की मृत्यु हो जाती है, और

जिसके साथ ही दुल्हन बने किन्नर का वैवाहिक जीवन हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाता है। इसके बाद दुल्हन बना किन्नर सोलह श्रृंगार उतारकर एक विधवा की तरह बहुत देर तक शोक मनाते हुए ज़ोर-ज़ोर से रोता है।

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