अंतर्राष्ट्रीय

अदालत के भीतर घुसकर कट्टरपंथियों ने की एक अमेरिकी नागरिक की हत्या

अदालत में हुई इस हत्या के बाद अमेरिका ने भी इस घटना की निंदा की

नई दिल्ली: ईशनिंदा के आरोप में सुवाई के लिए अदालत ले जा रहे एक अमेरिकी नागरिक को कट्टरपंथियों ने 6 गोलियां दागकर हत्या कर दी. मृतक अहमदी समुदाय से ताल्लुक रखता था. इस घटना से अदालत भी हैरान है. उधर अदालत में हुई इस हत्या के बाद अमेरिका ने भी इस घटना की निंदा की है. उसने पाक सरकार से तुरंत एक्शन लेने को कहा है.

जानकारी के मुताबिक ताहिर नसीम को दो साल पहले पेशावर में ही ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. आरोप है कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद पर अभ्रद टिप्पणी की थी. बुधवार को पेशावर की एक अदालत में जब इस मामले की सुनवाई चल रही थी, तभी कुछ हमलावर आये और उन्होंने जज के सामने ही ताहिर पर लगातार फायरिंग शुरू कर दी.

बताया जाता है कि इस हमले में ताहिर को 6 गोली लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक ताहिर के खिलाफ पुलिस ने वर्ष 2018 में कट्टरपंथियों के दबाव में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था. उस पर जो धाराएं लगाई गई थीं उसमें अधिकतम सजा का प्रावधान है. ईशनिंदा के आरोपी को पाकिस्तान में फांसी की सजा का चलन है.

उधर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के दक्षिण एशियाई विभाग ने ट्वीट कर कहा है कि पाकिस्तान की अदालत में मारे गए अमेरिकी नागरिक ताहिर नसीम के परिवार के प्रति हम संवेदना व्यक्त करते हैं. पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वो आरोपियों पर सख्त एक्शन ले और आगे इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाए. बताया जाता है कि पाकिस्तान में अहमदी समुदाय के लोगों को गैर-मुस्लिम घोषित किया गया है, यही वजह है कि पिछले काफी वक्त में यहां अहमदी समुदाय के लोगों पर हमले बढ़े हैं.

उधर ईशनिंदा के कड़े कानून और साधारण मामलों को संगीन बनाये जाने को लेकर आम लोगों में इस कानून के खिलाफ काफी आक्रोश भी देखने को मिला है और हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था. इस घटना के बाद भी पेशावर, लाहौर और इस्लामाबाद में प्रदर्शन शुरू हो गए है.

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button