अटल बिहारी के निधन पर देशभर में शोक की लहर

राम नाथ कोविंद, राष्ट्रपति
पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय राजनीति की महान विभूति अटल बिहारी वाजपेयी के देहावसान से मुझे बहुत दुख हुआ है. उनका विलक्षण नेतृत्व, दूरदर्शिता और अद्भुत भाषण कौशल उन्हें एक विशाल व्यक्तित्व प्रदान करते थे. उनका विराट व स्नेहिल व्यक्तित्व हमारी स्मृतियों में बसा रहेगा.

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है. हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे. अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था. उनका जाना, एक युग का अंत है. अटल जी आज हमारे बीच में नहीं रहे, लेकिन उनकी प्रेरणा, उनका मार्गदर्शन, हर भारतीय को, हर भाजपा कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके हर स्नेही को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे. ओम शांति !

लता मंगेशकर
मैं उनको पिता समान मानती हूं. अटल जी ने कहा मैं आपको बेटी मानता हूं. मैं उन्हें दद्दा बुलाया करती थी. मुझे आज 1942 में अपने पिता की मौत जैसा धक्का लगा है. मुझे बहुत ज्यादा दुख और धक्का लगा है. वो कहते थे Atal को पलट दिया जाए तो वो Lata बन जाता है.

लालकृष्ण आडवाणी, वरिष्ठ नेता, बीजेपी
अटल जी हमेशा याद रहेंगे, दुख व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं. अटल जी के साथ 65 साल का साथ रहा, वो मेरे सबसे करीबी दोस्त थे

योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, यूपी
अटल बिहारी वाजपेयी ने हमेशा राष्ट्रहितों को सबसे ऊपर माना. वो देश में राजनीतिक स्थिरता लेकर आए. उनकी अस्थियां उत्तर प्रदेश की हर नदी में प्रवाहित की जाएंगी

प्रणव मुखर्जी, पूर्व राष्ट्रपति
अटल बिहारी वाजपेयी ने हर लड़ाई को जमकर मुकाबला किया. ऐसा लग रहा था कि इस लड़ाई से भी वो जीतकर आएंगे पर ऐसा नहीं हो पाया. वो महान प्रधानमंत्री थे उन्होंने गठबंधन सरकार के साथ कार्यकाल पूरा किया. अटल बिहारी वाजपेयी की सबसे बड़ी खूबी थी हाजिरजवाबी, हिंदी पर गजब का कमांड और कमाल के सांसद.

 

मुलायम सिंह यादव, समाजवादी पार्टी
अटल बिहारी वाजपेयी के साथ वक्त बिताना बहुत अच्छा लगता था इसमें कोई शक नहीं देश के महान नेता थे. भाषण बहुत अच्छा देते थे हमने एक साथ नौ सभाओं में साथ साथ भाषण दिया उनमें घमंड नहीं था, सादगी पसंद थे. खुद खाना बनाना पसंद करते थे वाजपेयी के निधन से, देश नेतृत्व विहीन का हो गया है. उनके जैसा व्यवहार, सादगी और बोलने की कला किसको आती है उनके रहते बहुत कुछ सीखा जा सकता था. वाजपेयी घर बुलाते थे, खाना खिलाते थे और बहुत बातें होती थीं

मनमोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री
मुझे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से दुखद निधन से आहत हूं. वाजपेयी जी शानदार वक्ता, कमाल के कवि और असाधारण नेता, सांसद और महान प्रधानमंत्री थे.

 

राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष
आज भारत ने एक महान सपूत खो दिया है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लाखों करोड़ों लोगों का प्यार और सम्मान मिला. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और उनके चाहने वालों के साथ हैं. हम सभी उनकी बहुत कमी महसूस करेंगे

राजनाथ सिंह, गृहमंत्री
हमारे लिए बेहद दुख का वक्त है. अटलजी नहीं रहे. उनका पार्थिव शरीर कुछ देर में उनके आवास कृष्णमेनन मार्ग में रखा जाएगा ताकि लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें

वैंकेया नायडू, उपराष्ट्रपति
भारत के महान सपूत थे अटल जी. सांसद, नेता और प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने जो पहचान बनाई उसका कोई मुकाबला नहीं है

शरद यादव, वरिष्ठ नेता
अटल जी का गुस्सा भी प्यार भरा रहता था, मेरा व्यक्तिगत नुकसान है. वाजपेयी जी जैसे कद्दावर राजनेता दोबारा मिलना बहुत मुश्किल है. मुझे वाजपेयी का बहुत प्यार मिला है,

मुरली मनोहर जोशी, वरिष्ठ नेता, बीजेपी
मेरी व्यक्तिगत क्षति है, शायद राजनीति में दूसरा अटल न आए. दल, जाति भाषा, संप्रदाय से ऊपर उठकर सोचते थे. वो सिर्फ बीजेपी के नेता नहीं, बल्कि राष्ट्र नेता के तौर पर प्रतिष्ठित हुए. दलीय पक्षपात में उन्हें शामिल होते नहीं देखा गया. मूल्यों पर आधारित राजनीति की और कभी समझौता नहीं हुआ. मेरा और अटल जी का लंबा सानिध्य रहा है, वो हमेशा मार्गदर्शक रहेंगे. वो राजनेता नहीं जननेता थे, लोगों के मन को जीता था.

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