बारिश में भी आम आदमी पार्टी के नेताओं ने किया प्रदर्शन, मांगा 15 साल का हिसाब

करगीरोड कोटा।

आम आदमी पार्टी द्वारा छत्तीसगढ़ के 90 विधानसभा में सत्ताधारी दल और विपक्ष के विधायकों का घेराव किया गया, सत्ताधारी दल के विधायकों का घेराव करने जा रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया विपक्षी दल के विधायकों के घेराव में गिरफ्तारियों की खबर नहीं मिल पाई।

कोटा विधानसभा जो कि कांग्रेस का गढ़ है, वर्तमान में डॉ. रेणु जोगी यहां से विधायिका है। पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस के सुप्रीमो अजीत जोगी की धर्मपत्नी भी हैं। वर्तमान में बदले हुए राजनीतिक वजह से कोटा विधानसभा में भी परिदृश्य बदले हुए हैं, फिलहाल डॉ. रेणु जोगी अभी कांग्रेस की विधायिका है।

उसी लिहाज से आम आदमी पार्टी के कोटा विधानसभा प्रत्याशी हरीश चंदेल और कार्यकर्ताओं द्वारा कोटा विधायिका की अनुपस्थिति में महामाया चौक रतनपुर में विधायिका की तस्वीर लगाकर तस्वीर की घेराबंदी कर उनसे जवाब मांगा जा रहा था,

हाथों में गुमशुदा विधायक और विधायक जी जवाब दो 15 साल का हिसाब दो का पोस्टर लिए हुए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा नारेबाजी किया जा रहा था , प्रदर्शन के दौरान पानी बरस रहा था ,पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन जारी था।

कोटा विधायिका की अनुपस्थिति पर आम आदमी पार्टी के कोटा विधानसभा प्रत्याशी ने बताया इस बारे में विधायिका जी को सूचना दी गई थी, पर समयाभाव के वजह से पहुंच नहीं पाना बताया गया। हम इंतजार ही करते रहे कि कोई विधायिका जी का प्रतिनिधि के रूप में आकर विधायक जी के कार्यकाल में जितने भी कार्य हुए हैं ,

उनका लेखा-जोखा बताया जाएगा पर कोई प्रतिनिधि भी नहीं आया जिसके कारण विधायिका जी का तस्वीर लगाकर ही जवाब मांगा गया आशा करते हैं कि आने वाले दिनों में विधानसभा क्षेत्रों में विधायिका जी से मुलाकात होगी।

पहली बार कोटा विधानसभा में विधायिका के खिलाफ हुए इस तरह के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक गलियारों और आम जनों में भी चर्चा का विषय रहा। सत्ताधारी दल के साथ विपक्ष के लोगों द्वारा भी विधायिका के खिलाफ हुए इस प्रदर्शन को लेकर आश्चर्य जताया वहीं पर आम जनों ने आम आदमी पार्टी द्वारा किए गए इस प्रदर्शन को सही ठहराया।

कुछ लोगों ने चर्चा के दौरान बताया भी कि वर्तमान विधायिका काफी निष्क्रिय है। शिक्षा-स्वास्थ्य-बिजली-सड़क-पानी जैसे बुनियादी सुविधाएं के लिए अभी भी मारामारी है, वर्तमान विधायिका का दौरा केवल गौरेला पेंड्रा तक ही सीमित है, दबे स्वर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी इस बात को स्वीकार किया।

आगे इस प्रदर्शन के बारे में आम आदमी पार्टी के कोटा विधानसभा प्रत्याशी से जो सवाल किया गया कि आपके द्वारा किस तरह का जवाब और किस तरह का हिसाब मांगा जा रहा था, तो विधानसभा प्रत्याशी द्वारा बताया गया कि आज भी कोटा विधानसभा क्षेत्र के अंदर बिजली, पानी ,सड़क स्वास्थ्य ,शिक्षा ,जैसी मूलभूत सेवाएं की कमी है।

किसानों के हालात दयनिय है, मैं विधानसभा क्षेत्रों में स्वयं घूम रहा हूं ,काफी दयनीय स्थिति है किसानों की इतने सालों से वर्तमान विधायिका द्वारा केवल विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश द्वार ,सांस्कृतिक भवन और सामुदायिक भवन, ही बनाया गया है ,क्या यही विकास कार्य है।

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार नहीं है। यह बता कर अपनी जवाबदेही से वर्तमान विधायिका पल्ला नहीं झाड़ सकती कोटा विधानसभा ने आजादी के बाद से कांग्रेस को नेतृत्व करने का मौका दिया पर आज भी हालात कोटा विधानसभा क्षेत्र के बदले नहीं हैं। आपका यह कहना कि हमारी सरकार नहीं है।

इससे आपकी जवाबदेही कम नहीं हो जाती ,विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने आपको चुनकर विधानसभा भेजा तो, आपका दायित्व बनता है ,यहां की मूलभूत बुनियादी सुविधाओं को पहले प्राथमिकता देते हुए विधानसभा में आवाज को बुलंद करते ,पर वर्तमान विधायिका द्वारा इस पर कुछ नहीं किया गया। केवल और केवल 15 सालों से कोटा विधानसभा क्षेत्र के लोगों का शोषण किया गया।

आज पेंड्रा को जिला बनाने की बात को लेकर सत्ताधारी दल और विपक्ष राजनीति कर रहे हैं, जो कि कोटा विधानसभा क्षेत्र की जनता समझ रही है, और आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।

करगी रोड रेलवे स्टेशन में एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर भी वर्तमान विधायिका गंभीर नहीं है। लगभग 22 ट्रेन करगीरोड रेलवे स्टेशन से गुजरती हैं, पर केवल कुछ ही ट्रेनों का स्टॉपेज करगीरोड रेलवे स्टेशन में है, जबकि करगी रोड रेलवे स्टेशन से 30 किलोमीटर के अंदर में धार्मिक नगरी रतनपुर, अचानकमार अभ्यारण्य, लोरमी ,तखतपुर ,मुंगेली, डॉक्टर सीवी रमन यूनिवर्सिटी जैसी जगह मौजूद है।

उसके बावजूद भी वर्तमान विधायिका द्वारा इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जाता जो कि काफी गंभीर विषय है, आने वाले दिनों में कोटा विधानसभा प्रत्याशी द्वारा सत्ताधारी दल के लोकसभा सांसद लखन साहू के भी घेराव करने की बात कही।

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