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AAP सरकार: पड़ोसी राज्यों के ईंट भट्टों से दिल्ली में हो रहा प्रदूषण

देश की राजधानी में प्रदूषण रेल अलर्ट के निशान पर पहुंच गया है. दिल्ली में अक्टूबर से मार्च के बीच हवा में प्रदूषण सबसे ज्यादा होता है. हवा को साफ बनाए रखने के लिए राज्य सरकार को कई अहम कदम उठाना पड़ता है, लेकिन दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट और हाइकोर्ट के आदेश को भी पूरी तरफ नज़रअंदाज़ किया जाता है. अब दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार का कहना है कि यहां पड़ोसी राज्यो के ईंट भट्टों से प्रदूषण आ रहा है.

आम आदमी पार्टी सरकार के मुताबिक प्रदूषण से निपटने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं. दिल्ली सरकार के मुताबिक ज़हरीले गैस की हवा में बढ़त को देखते हुए 15 अक्टूबर को एनटीपीसी का प्लांट बंद कराया गया है. इसके अलावा डस्ट कंट्रोल करने के लिए मकान या सड़क के निर्माण का मलबा ढककर ले जाने के आदेश दिए गए हैं. साथ ही इसकी जांच के लिए लैंड से संबंधित एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है.

सरकार का दावा है कि दिल्ली में खुले में कूड़ा और पत्ते नही जलाने के आदेश हैं. अगर किसी इलाके में कूड़ा जल रहा है तो एसडीएम को एक्शन लेने का पावर है. पीडब्ल्यूडी की सड़कों के बीच डिवाइडर को पानी से साफ किया जाता है. यह हफ्ते में एक बार होता है. इस काम के लिए मशीनें रेंट पर भी ली जाती हैं. हालांकि हक़ीक़त यह है कि सभी नियमों की धड़ल्ले से धज्जियां उड़ाई जाती हैं.

सरकार को दिल्ली में उन तमाम बड़ी इंडस्ट्री की जांच करनी होती है, जो एक लेवल के बाद अधिक प्रदूषण फैलाती हैं. अगर नियमों के खिलाफ प्रदूषण बढ़ता है तो एक्शन लिया जाता है. सरकार ने इसकी जांच के लिए 5 सदस्य टीम भी बनाई है. साथ ही दिल्ली सरकार ने व्हाट्सऐप नंबर जारी किया है, जिस पर कूड़े की तस्वीर भेजकर कूड़ा जलाने की शिकायत कर सकते हैं.

दिल्ली में ऐसे ट्रकों की एंट्री भी प्रतिबंधित है जो दिल्ली के रास्तों को बायपास की तरह इस्तेमाल करते हैं या उन ट्रकों में दिल्ली का सामान लोड नही होता है. इन ट्रकों को चेक करने की ज़िम्मेदारी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की है. दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन का कहना है कि प्रदूषण की वजह से दिल्ली में ऑड-ईवन लाया गया था जिसे लोगों ने काफी सराहा था.

इमरान हुसैन के मुताबिक प्रदूषण के मसले पर सरकार हर हफ्ते या 15 दिन में तमाम एजेंसियों के साथ मीटिंग करती है. हुसैन का कहना है कि एनसीआर मे चल रहे ईंट के भट्टों से दिल्ली में प्रदूषण आता है. ऐसे में पड़ोसी राज्य सरकारों को साथ मिलकर काम करना होगा तभी प्रदूषण की समस्या बेहतर हल होगी. हालांकि ऑड-ईवन दोबारा दिल्ली में लाने के सवाल को हुसैन ने टालते हुए कहा कि दिल्ली की सेहत को देखते हुए जो ज़रूरत पड़ेगी वैसा करेंगे.

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